Meta Pixel

भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई: महिला उत्पीड़न जांच की आड़ में वसूली करने वाला श्रम निरीक्षक सस्पेंड

Spread the love

रायपुर। दीपावली से पहले व्यापारियों से अवैध वसूली करने के आरोप में श्रम विभाग के एक अफसर पर गाज गिरी है। महिला कर्मचारियों से जुड़े मामलों की जांच का हवाला देकर वसूली करने वाले श्रम निरीक्षक रामचरन कौशिक को प्रशासन ने निलंबित कर दिया है।

शिकायतों से खुला मामला

सूत्रों के अनुसार, त्योहार के दिनों में श्रम निरीक्षक कौशिक अलग-अलग दुकानों और कारोबारी प्रतिष्ठानों में जांच के बहाने पहुंचते थे। आरोप है कि वह महिला उत्पीड़न की जांच का नाम लेकर व्यापारियों से अवैध वसूली कर रहे थे। इस कृत्य की शिकायत व्यापारियों ने सीधे कलेक्टर दीपक सोनी से की।

तीन सदस्यीय जांच समिति ने पकड़ी अनियमितताएं

शिकायत के बाद कलेक्टर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई। समिति की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि श्रम निरीक्षक ने अपने भ्रमण के दौरान कई वित्तीय अनियमितताएं कीं और व्यापारियों से जबरन वसूली की।

नियमों के तहत सख्त एक्शन

जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद श्रमायुक्त, छत्तीसगढ़ ने सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत कार्रवाई की। नियमों के मुताबिक कौशिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

  • निलंबन अवधि में उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।

  • इस दौरान उनका मुख्यालय श्रमायुक्त कार्यालय, नवा रायपुर (अटल नगर) तय किया गया है।

प्रशासन का संदेश

इस कार्रवाई ने साफ संकेत दिया है कि त्योहारों के मौके पर या महिला सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषयों के नाम पर भ्रष्टाचार करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *