अगर आप अपना कोई क्रेडिट कार्ड बंद करने का सोच रहे हैं, तो तुरंत फैसला लेने से बचें। गलत तरीके से बंद किया गया कार्ड आपके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक असर डाल सकता है। असल में, कार्ड बंद करने से आपकी कुल क्रेडिट लिमिट घट जाती है, जिससे क्रेडिट उपयोग अनुपात (Credit Utilization Ratio) बढ़ जाता है और स्कोर नीचे गिर सकता है।
उदाहरण से समझें
मान लीजिए आपके पास 3 लाख रुपये की कुल लिमिट है और आपने 30,000 रुपये खर्च किए हैं, यानी 10% यूसेज है। अगर आप 1 लाख की लिमिट वाला कार्ड बंद कर देते हैं, तो कुल लिमिट घटकर 2 लाख रह जाएगी और उपयोग अनुपात बढ़कर 15% हो जाएगा।
याद रखें –
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अच्छा स्कोर बनाए रखने के लिए अनुपात 30% से कम होना चाहिए।
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और बेहतरीन स्कोर के लिए इसे 10% से नीचे रखना बेहतर है।
पुराने कार्ड क्यों जरूरी हैं?
आपका सबसे पुराना कार्ड आपकी क्रेडिट हिस्ट्री की उम्र बढ़ाता है, जो लोन या नए कार्ड लेने में मदद करता है।
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अगर वार्षिक शुल्क (Annual Fee) की वजह से आप इसे बंद करना चाहते हैं, तो बैंक से नो-फी वर्ज़न या डाउनग्रेड की मांग करें।
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अगर बैंक डाउनग्रेड की सुविधा नहीं देता, तो उस कार्ड पर कोई छोटा ऑटोमैटिक पेमेंट (जैसे क्लाउड स्टोरेज या म्यूज़िक सब्सक्रिप्शन) सेट करें, ताकि कार्ड एक्टिव रहे और हिस्ट्री बनी रहे।
लिमिट ट्रांसफर करें
अगर एक ही बैंक से आपके पास कई कार्ड हैं, तो किसी कार्ड को बंद करने से पहले उसकी क्रेडिट लिमिट दूसरे कार्ड में ट्रांसफर करवा लें। इससे आपकी कुल लिमिट बरकरार रहेगी और क्रेडिट उपयोग अनुपात नहीं बढ़ेगा।
सही समय का इंतज़ार करें
अगर आप जल्द ही होम लोन, कार लोन या नया क्रेडिट कार्ड लेने का प्लान बना रहे हैं, तो फिलहाल कोई बदलाव न करें।
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आवेदन से 60-90 दिन पहले किसी कार्ड को बंद न करें और नया न खोलें।
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ऐसा करने से आपकी क्रेडिट रिपोर्ट स्थिर रहेगी।
कार्ड बंद करने के बाद भी फायदे
अगर आप किसी कार्ड को गुड स्टैंडिंग (यानी समय पर सभी बिल चुकाकर) बंद करते हैं, तो उसकी अच्छी हिस्ट्री कई सालों तक आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में बनी रहती है। यह आपके स्कोर को लंबे समय तक सपोर्ट करती है।
कब बंद करना ठीक है?
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जब कार्ड पर फीस ज्यादा हो और रिवॉर्ड या फायदे कम।
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जब बैंक डाउनग्रेड का विकल्प न दे।
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लेकिन ध्यान रखें, एक साथ कई कार्ड बंद करने से बचें, वरना आपकी प्रोफाइल अस्थिर लग सकती है।
निष्कर्ष
क्रेडिट कार्ड बंद करने का फैसला जल्दबाज़ी में न लें। अपनी लिमिट, हिस्ट्री और आने वाली लोन ज़रूरतों को ध्यान में रखकर सोच-समझकर कदम उठाएं। सही प्लानिंग के साथ किया गया यह फैसला आपके क्रेडिट स्कोर को सुरक्षित रखेगा और साथ ही आपके वॉलेट को भी हल्का कर देगा।