आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में कहर बरपाने वाला चक्रवात मोंथा अब कमजोर होकर सामान्य चक्रवाती तूफान में बदल गया है। भारत मौसम विभाग (IMD) ने बुधवार को बताया कि तट से टकराने के बाद तूफान का असर धीरे-धीरे कम हो रहा है। हालांकि, भारी बारिश और तेज़ हवाओं से जनजीवन अभी भी अस्त-व्यस्त है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है।
किन जिलों में असर
पश्चिम गोदावरी, कृष्णा और पूर्वी गोदावरी जिलों में लगातार तेज़ हवाएं और मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। IMD ने बताया कि वर्तमान में यह चक्रवात नारसापुर से लगभग 20 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर पश्चिम और काकीनाडा से करीब 90 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण पश्चिम में केंद्रित है और करीब 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है।
बिजली और यातायात बाधित
तेज़ हवाओं की वजह से कई जगहों पर पावर कट हो गया है। मछलीपट्टनम में गिरे पेड़ों से बिजली आपूर्ति बाधित हुई। इसके अलावा, विशाखापटनम और विजयवाड़ा एयरपोर्ट से 32 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। वहीं, 120 ट्रेनों को भी दक्षिण मध्य रेलवे ने रद्द कर दिया है।
रात का कर्फ्यू
राज्य सरकार ने सुरक्षा के मद्देनज़र सात जिलों में रात 8:30 बजे से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू जैसा प्रतिबंध लगाया है। इस दौरान किसी भी प्रकार का वाहन संचालन बंद रहेगा। केवल आपातकालीन सेवाओं को ही अनुमति दी गई है।
ओडिशा में भी खतरे की आहट
ओडिशा सरकार ने भी पूरी सतर्कता बरतते हुए 2,000 से ज्यादा राहत केंद्र खोल दिए हैं। अब तक 11,396 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
NDRF की तैनाती
स्थिति को संभालने के लिए NDRF की 45 टीमें आंध्र प्रदेश और ओडिशा में लगाई गई हैं। ये टीमें लगातार राहत व बचाव कार्यों पर नजर रख रही हैं और जरूरत पड़ते ही तत्काल कार्रवाई कर रही हैं।
सरकार और IMD की अपील
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे बिना कारण घर से बाहर न निकलें, अनावश्यक यात्रा से बचें और सरकार व मौसम विभाग की हर सलाह का पालन करें।