छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) घोटाले में फंसे चार आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान जमानत मंजूर कर दी है। जमानत पाने वालों में PSC के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी का बेटा नितेश सोनवानी, भतीजा साहिल सोनवानी, कारोबारी श्रवण गोयल का बेटा शशांक गोयल और बहू भूमिका कटियार शामिल हैं। ये सभी पिछले कई महीनों से रायपुर जेल में न्यायिक हिरासत में बंद थे।
CBI ने कोर्ट में पेश किया 2000 पन्नों का चालान
CBI ने इस मामले में 30 सितंबर को स्पेशल कोर्ट में 2000 पन्नों का पूरक चालान दाखिल किया था। इसमें कई चौंकाने वाले खुलासे किए गए। एजेंसी ने साफ तौर पर पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी को घोटाले का मास्टरमाइंड बताया। इसके अलावा पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, सचिव जीवन किशोर ध्रुव, निशा कोसले और दीपा आडिल सहित कई लोगों की भूमिका का भी विस्तार से जिक्र किया गया।
कैसे लीक हुआ था पेपर?
CBI के अनुसार, जनवरी 2021 में कोलकाता की एकेडी प्रिंटर्स प्राइवेट लिमिटेड को PSC परीक्षा का प्रश्न पत्र छापने का ठेका दिया गया था। जब पेपर रायपुर भेजे गए, तब पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक ने उन्हें सील से निकालकर टामन और ललित गणवीर के साथ मिलकर कॉपी कराया और फिर से सील कर वापस भेज दिया।
इसके बाद टामन ने अपने बेटे-भतीजे और रिश्तेदारों को पेपर घर पर ही दे दिया।
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दीपा आडिल बनी जिला आबकारी अधिकारी।
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निशा कोसले को डिप्टी कलेक्टर बनाया गया।
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साहिल सोनवानी को डीएसपी और
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नितेश सोनवानी को डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित करवा दिया।
इसी तरह टामन के सहयोग से ललित गणवीर ने पर्चा बजरंग पावर एंड इस्पात के डायरेक्टर श्रवण गोयल को दिया। उसके बेटे शशांक और बहू भूमिका ने इससे तैयारी की और दोनों भी डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित हो गए।
भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल
यह घोटाला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा है। आरोप है कि परीक्षा और इंटरव्यू में योग्य उम्मीदवारों की अनदेखी कर प्रभावशाली परिवारों के बच्चों को उच्च पदों पर बिठाया गया। कुल 171 पदों के लिए परीक्षा हुई थी, जिसमें हजारों उम्मीदवार शामिल हुए, लेकिन परिणामों में गड़बड़ी सामने आई।
अब तक हुई कार्रवाई
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12 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
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सबसे पहले नवंबर 2023 में टामन सिंह सोनवानी और श्रवण गोयल गिरफ्तार हुए।
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इसके बाद 19 सितंबर 2024 को आरती वासनिक, जीवन किशोर ध्रुव, सुमित ध्रुव, निशा कोसले और दीपा आडिल को गिरफ्तार किया गया।
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जनवरी 2025 में नितेश, साहिल, शशांक, भूमिका और ललित गणवीर को हिरासत में लिया गया।
अब क्या आगे?
फिलहाल सभी आरोपी जमानत पर बाहर आ चुके हैं, लेकिन CBI की जांच अभी जारी है। माना जा रहा है कि एजेंसी आगे और बड़े खुलासे कर सकती है।