दक्षिण कोरिया के बुसान में चल रहे APEC CEO समिट में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एक बार फिर सुर्खियों में रहे। उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर प्रशंसा की। ट्रम्प ने कहा— “मोदी न सिर्फ दिखने में अच्छे हैं बल्कि बेहद सख्त और निर्णायक नेता भी हैं।”
भारत-पाक तनाव और ट्रम्प का दखल
ट्रम्प ने अपने भाषण में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि साल की शुरुआत में दोनों देश युद्ध की कगार पर थे और उन्होंने ट्रेड प्रेशर डालकर हालात को शांत कराया।
ट्रम्प के मुताबिक—
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“दोनों परमाणु संपन्न देश लड़ाई की तैयारी में थे। मैंने साफ कह दिया कि अगर युद्ध हुआ तो अमेरिका कोई व्यापार समझौता नहीं करेगा। इसके बाद दोनों देशों ने मुझे फोन कर कहा— अब संघर्ष खत्म करेंगे।”
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उन्होंने यहां तक दावा किया कि उस समय सात विमान गिराए गए थे, हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि किस देश के।
पाकिस्तान की भी प्रशंसा
ट्रम्प ने न सिर्फ मोदी की तारीफ की बल्कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाकिस्तानी आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर को भी सराहा। उन्होंने मुनीर को एक मजबूत फाइटर बताया और कहा कि उनका दोनों देशों से रिश्ता अच्छा है।
दक्षिण कोरिया ने दिया सर्वोच्च नागरिक सम्मान
APEC समिट के दौरान दक्षिण कोरिया ने ट्रम्प को अपने सबसे बड़े नागरिक सम्मान “ग्रैंड ऑर्डर ऑफ मुगुंगह्वा” से नवाजा। वे यह सम्मान पाने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बने। इस मौके पर राष्ट्रपति म्यूंग ने उन्हें सोने का मुकुट भी भेंट किया।
तीसरी बार राष्ट्रपति चुनाव न लड़ पाने पर ट्रम्प का मज़ाक
ट्रम्प ने मंच से मजाकिया लहजे में कहा कि उन्हें अफसोस है कि कानून उन्हें तीसरी बार राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं देता। उन्होंने कहा— “अगर आप कानून पढ़ें तो साफ है कि मैं तीसरी बार चुनाव नहीं लड़ सकता, यह बहुत बुरा है।”
जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या वे 2028 में उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ सकते हैं, तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि हां, लेकिन ऐसा नहीं करेंगे— “क्योंकि लोगों को यह पसंद नहीं आएगा।”