छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां दो युवकों ने महज चोरी की वारदात के शक में एक 15 वर्षीय नाबालिग को इतना मारा कि वह अधमरा हो गया। घटना का वीडियो आरोपियों के ही साथियों ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जैसे ही वीडियो फैला, पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया और पुलिस हरकत में आई। अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
घटना कैसे हुई?
मामला रायगढ़ शहर के कोतरारोड क्षेत्र का है।
-
सोमवार सुबह करीब 4 बजे एक नाबालिग प्रकाश नेताम के राजीवनगर स्थित पान ठेला से गोली, बिस्किट और सिगरेट चोरी कर रहा था।
-
चोरी करते हुए पकड़ में आने पर प्रकाश नेताम और उसके भाई दीपक नेताम ने बच्चे को दबोच लिया।
-
इसके बाद दोनों ने उसे एक कमरे में बंद कर दिया।
मारपीट का खौफनाक वीडियो
कथित चोरी के बाद जो हुआ, उसने हर किसी को हैरान कर दिया।
-
सबसे पहले नाबालिग को मुक्कों और थप्पड़ों से पीटा गया।
-
आरोपियों ने इस दौरान उसका नाक तोड़ डाला, जिससे खून बहने लगा।
-
इसके बाद हाथ में बेसबॉल का बैट लिए एक आरोपी ने बच्चे से पूछताछ करते हुए अचानक उसके चेहरे पर जोरदार मुक्का मारा।
-
फिर उसे एक विद्युत खंभे से बांधकर बेल्ट से लगातार पीटा गया।
-
वीडियो में साफ दिखता है कि मारने वाले तब तक बेल्ट चलाते रहे, जब तक कि थक नहीं गए।
रहम की भीख मांगता रहा मासूम
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में नजर आता है कि बच्चा लगातार हाथ जोड़कर माफी मांग रहा था, लेकिन आरोपियों का दिल नहीं पसीजा।
-
वह बार-बार चोरी की गलती न करने की कसम खाता रहा।
-
इसके बावजूद उसे तब तक मारा गया जब तक उसकी हालत अधमरी न हो गई।
लोगों का गुस्सा और पुलिस की कार्रवाई
वीडियो वायरल होते ही रायगढ़ शहर में भारी रोष फैल गया। स्थानीय लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
-
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस सक्रिय हुई।
-
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
-
फिलहाल नाबालिग की स्थिति गंभीर बताई जा रही है और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बड़ा सवाल: कानून अपने हाथ में क्यों?
इस घटना ने एक बार फिर मॉब जस्टिस और सेल्फ-जस्टिस पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
-
चोरी का मामला चाहे जितना भी गंभीर क्यों न हो, किसी को भी इस तरह नाबालिग की पिटाई करने का हक नहीं है।
-
भारत में कानून हर अपराध के लिए तय है, लेकिन लोग अक्सर गुस्से में कानून अपने हाथ में ले लेते हैं।
-
इसका नतीजा यह होता है कि चोरी के शक में एक बच्चे की जान तक जा सकती थी।
यह घटना सिर्फ रायगढ़ ही नहीं, पूरे प्रदेश के लिए चेतावनी है कि गुस्से में आकर की गई ऐसी हरकतें समाज में डर और हिंसा को बढ़ावा देती हैं। अब पुलिस की जिम्मेदारी है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और आगे इस तरह की घटनाओं पर रोक लगे।