Uric Acid: शरीर में बढ़ा यूरिक एसिड बन सकता है बड़ी परेशानी, इन 5 बीमारियों से बचने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय

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नई दिल्ली।
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में यूरिक एसिड बढ़ना (High Uric Acid) बहुत आम समस्या बन गई है।
गलत खानपान, मीट और फास्ट फूड का ज्यादा सेवन, शराब और पानी की कमी — ये सब वजहें हैं जिनसे शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने लगती है।

शुरुआत में यह सिर्फ जोड़ों में दर्द या हल्की सूजन के रूप में दिखता है,
लेकिन समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यही समस्या गठिया (Gout), किडनी स्टोन और दिल की बीमारी जैसी गंभीर स्थितियों में बदल सकती है।

आइए जानते हैं — यूरिक एसिड बढ़ने से शरीर को कौन-सी 5 परेशानियां हो सकती हैं
और कैसे कुछ आसान घरेलू उपायों से इसे कंट्रोल में रखा जा सकता है।


⚠️ यूरिक एसिड बढ़ने से होने वाली 5 बड़ी परेशानियां

1️⃣ जोड़ों में दर्द और सूजन

यूरिक एसिड के क्रिस्टल सबसे पहले हड्डियों और जोड़ों में जमा होने लगते हैं।
खासकर पैर के अंगूठे, एड़ी, टखनों और घुटनों में सूजन, दर्द और अकड़न महसूस होती है।
रात के समय यह दर्द बढ़ सकता है, जो गाउट की शुरुआती निशानी है।


2️⃣ किडनी स्टोन बनने का खतरा

जब शरीर यूरिक एसिड को पूरी तरह बाहर नहीं निकाल पाता,
तो ये किडनी में जाकर क्रिस्टल के रूप में जमा होने लगता है।
धीरे-धीरे यही स्टोन (पथरी) का रूप ले लेता है।
इसके कारण पेशाब में जलन, दर्द या रुकावट जैसी दिक्कतें होती हैं।


3️⃣ गठिया रोग (Gout Arthritis)

लंबे समय तक यूरिक एसिड का लेवल ज्यादा रहने पर
यह गठिया या गाउट (Gout) में बदल जाता है।
इसमें जोड़ लाल और सूजे हुए हो जाते हैं,
छूने पर बहुत दर्द होता है और हिलना-डुलना मुश्किल हो जाता है।


4️⃣ थकान और कमजोरी महसूस होना

यूरिक एसिड के बढ़ने से शरीर में टॉक्सिन्स जमा हो जाते हैं।
यह लिवर, किडनी और ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित करता है,
जिससे व्यक्ति को लगातार थकान, नींद की कमी और कमजोरी महसूस होती है।


5️⃣ हार्ट डिजीज और हाई बीपी का खतरा

रिसर्च के अनुसार, हाई यूरिक एसिड का सीधा असर ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल पर पड़ता है।
यह धीरे-धीरे हार्ट ब्लॉकेज, हाई बीपी और हार्ट अटैक जैसी स्थितियों को जन्म दे सकता है।


यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के 5 घरेलू उपाय

1. खूब पानी पिएं

रोजाना कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं।
इससे शरीर का टॉक्सिन बाहर निकलता है और यूरिक एसिड यूरिन के जरिए फ्लश आउट हो जाता है।


2. डाइट में शामिल करें हेल्दी फूड्स

  • हरी सब्जियां (पालक, लौकी, परवल)

  • चेरी और नींबू पानी

  • फाइबर युक्त फूड्स जैसे ओट्स, साबुत अनाज
    ये सभी शरीर में एसिडिक लेवल को कम करके यूरिक एसिड को संतुलित करते हैं।


3. शुगर, मीट और शराब से दूरी बनाएं

शराब, रेड मीट, फ्राई फूड और जंक फूड में प्यूरिन की मात्रा अधिक होती है,
जो शरीर में यूरिक एसिड को बढ़ाती है।
इनसे पूरी तरह दूरी बनाना जरूरी है।


‍♀️ 4. हल्का व्यायाम और योगासन करें

हर दिन 30 मिनट वॉक करें या
योगासन जैसे भुजंगासन, पवनमुक्तासन और मंडूकासन करें।
ये पाचन को दुरुस्त करते हैं और यूरिक एसिड के लेवल को घटाते हैं।


5. नियमित हेल्थ चेकअप कराते रहें

हर 6 महीने में एक बार यूरिक एसिड टेस्ट जरूर कराएं।
अगर लेवल 3.5–7.0 mg/dl से ऊपर जा रहा हो,
तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।


❤️ निष्कर्ष: यूरिक एसिड का नियंत्रण, स्वस्थ जीवन की कुंजी

यूरिक एसिड बढ़ना आजकल आम है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है।
थोड़ा-सा खानपान में बदलाव, पर्याप्त पानी, और नियमित योग
आपको इस समस्या से पूरी तरह बचा सकता है।

सही डाइट + एक्टिव लाइफस्टाइल = हेल्दी जॉइंट्स और स्ट्रॉन्ग हार्ट। ‍♂️


(Disclaimer):
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है।
किसी भी स्वास्थ्य समस्या या उपचार से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

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