दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए बड़ी खुशखबरी है। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD) ने स्पष्ट किया है कि 31 दिसंबर 2025 तक आयोजित होने वाली सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में उम्मीदवार अपने स्वयं के स्क्राइब (Own Scribe) ला सकेंगे।
इससे पहले 1 अगस्त 2025 को जारी दिशा-निर्देशों में इस सुविधा को समाप्त कर दिया गया था, जिससे लाखों दिव्यांग अभ्यर्थियों में चिंता बढ़ गई थी। अब नए आदेश के बाद यह सुविधा फिर से बहाल कर दी गई है।
✅ क्या कहा गया है नए आदेश में?
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31 दिसंबर 2025 तक घोषित या आयोजित होने वाली सभी परीक्षाएं पुराने नियमों के तहत होंगी।
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यानी दिव्यांग उम्मीदवार पहले की तरह अपने भरोसेमंद स्क्राइब को साथ ला सकते हैं।
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आयोगों (जैसे SSC, UPSC, रेलवे बोर्ड, राज्य आयोग आदि) ने इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
✅ ‘Own Scribe’ के लिए नई आयु सीमा तय
दुरुपयोग रोकने और परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए स्क्राइब के लिए अधिकतम आयु सीमा तय की गई है:
| स्क्राइब की शैक्षिक योग्यता | अधिकतम आयु सीमा |
|---|---|
| मैट्रिक (10वीं पास) | 20 वर्ष तक |
| इंटरमीडिएट / 10+2 | 20 वर्ष तक |
| ग्रेजुएट (स्नातक) | 22 वर्ष तक |
उद्देश्य: स्क्राइब केवल सहायता करे, परीक्षा में अनुचित लाभ लेने का माध्यम न बने।
✅ आधार आधारित वेरिफिकेशन अब अनिवार्य
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अब हर Own Scribe का Aadhar Authentication परीक्षा स्थल पर किया जाएगा।
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ऑथेंटिकेशन न हो पाने की स्थिति में उम्मीदवार को:
✔ आयोग द्वारा उपलब्ध स्क्राइब लेना होगा
या
✔ स्क्राइब की सुविधा त्यागनी होगी।
✅ कौन-कौन से नियम रहेंगे लागू?
सभी आगामी परीक्षाओं में नियम इन गाइडलाइंस के अनुसार ही लागू होंगे:
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आयोग की अधिसूचना: 25 अक्टूबर 2024 (Scribe Policy)
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DEPwD की गाइडलाइंस: 29 अगस्त 2018 और 10 अगस्त 2022
✅ यह निर्णय क्यों महत्वपूर्ण है?
✔ लाखों दिव्यांग छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेना आसान होगा।
✔ अभ्यर्थी अपने भरोसे के व्यक्ति को स्क्राइब के रूप में ला सकेंगे।
✔ स्क्राइब दुरुपयोग रोकने के लिए आयु व आधार सत्यापन जैसी कड़ी शर्तें लागू होंगी।
✔ परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनेगी।