विश्व शतरंज कप में ऐसा उलटफेर हुआ जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी। भारत के ग्रैंडमास्टर दिप्तायन घोष ने रूस के दिग्गज खिलाड़ी और पूर्व विश्व चैंपियनशिप के चैलेंजर इयान नेपोम्नियाची को दूसरे दौर के दूसरे गेम में हराकर सबको हैरान कर दिया। यह मुकाबला एकतरफा रहा, जहां दिप्तायन ने शुरुआत से ही नेपोम्नियाची को कोई मौका नहीं दिया और शानदार जीत दर्ज की। जीत के बाद उन्होंने खुशी जताते हुए कहा, “यह मेरे शतरंज करियर की सबसे बड़ी जीत है।”
दिप्तायन की यह जीत भारतीय शतरंज के लिए बड़ी खबर है, क्योंकि इयान नेपोम्नियाची जैसे खिलाड़ी को हराना आसान नहीं होता—वह दो बार विश्व खिताब के फाइनल तक पहुंच चुके हैं और दुनिया के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। लेकिन इस मैच में दिप्तायन ने शांत दिमाग, शानदार रणनीति और बेहतरीन मूव्स से साबित कर दिया कि युवा भारतीय ग्रैंडमास्टर्स अब किसी भी स्तर पर चुनौती देने की क्षमता रखते हैं।
इससे पहले भारत के ग्रैंडमास्टर पी. हरिकृष्णा तीसरे दौर में प्रवेश करने वाले पहले भारतीय बने थे। उन्होंने रूस के अर्सेनी नेस्तेरोव को मात देकर अगले चरण में जगह बनाई। हालांकि, विश्व जूनियर चैंपियन वी. प्रणव को नॉर्वे के खिलाड़ी आर्यन तारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा।