छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में धार्मिक विवाद ने एक बार फिर तनावपूर्ण स्थिति पैदा कर दी है। कोड़ेकुर्सी गांव में धर्म परिवर्तन कर चुके युवक मनीष निषाद की मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार को लेकर हंगामा खड़ा हो गया। युवक का शव जब परिवार वाले गांव लाए तो ग्रामीणों ने धर्म परिवर्तन का हवाला देकर गांव की जमीन पर दफनाने से साफ इंकार कर दिया। विरोध इतना बढ़ गया कि शव तीन दिनों तक बिना अंतिम संस्कार के पड़ा रहा।
मामला बढ़ने पर मृतक के परिजनों ने शव को थाने के बाहर छोड़ दिया। पुलिस ने स्थिति संभालते हुए शव को स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया। लेकिन शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने फिर थाने का घेराव कर दिया और शव को गांव में दफनाने का विरोध जारी रखा। विवाद लगातार गहराता देख कांकेर सांसद भोजराज नाग ने थाना प्रभारी से फोन पर बात कर हस्तक्षेप किया। इसके बाद खबर आई कि शव को चारामा भेजने की व्यवस्था की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना था कि धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्ति को पारंपरिक कब्रिस्तान या गांव की जमीन में दफनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। वहीं परिवार के लोग इस बात से आहत हैं कि दुख की घड़ी में भी उन्हें सम्मानजनक अंतिम संस्कार का अधिकार नहीं दिया जा रहा। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है, जबकि इसी तरह की घटनाएं हाल के दिनों में जिले में कई बार देखने को मिल चुकी हैं।
गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और लोग प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठा रहे हैं। मृतक का परिवार अब भी न्याय और शांति से अंतिम संस्कार की मांग कर रहा है।