अमेरिका में सरकारी शटडाउन को 37 दिन बीत चुके हैं और इसका सबसे बड़ा असर अब हवाई यातायात पर दिखने लगा है। स्टाफ की कमी से जूझ रही फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने देश के 40 बड़े एयरपोर्ट्स पर उड़ानों की संख्या कम करने का ऐलान किया है। शुक्रवार सुबह से यह नियम लागू हो गया और सिर्फ एक दिन में 700 से ज्यादा घरेलू उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। इनमें न्यूयॉर्क, वॉशिंगटन डीसी और देश के कई व्यस्ततम एयरपोर्ट शामिल हैं। थैंक्सगिविंग वीक के ठीक पहले इस फैसले ने हजारों यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है।
एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स और TSA स्टाफ पिछले एक महीने से बिना वेतन काम कर रहे हैं। कई कर्मचारी काम छोड़ चुके हैं, जिसके कारण एयरपोर्ट्स पर संचालन मुश्किल हो रहा है। FAA ने साफ कहा कि यह कदम सुरक्षा के मद्देनज़र उठाया गया है क्योंकि स्टाफ की कमी में एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट संभालना जोखिम भरा हो सकता है। शुरुआती चरण में उड़ानों में 4% की कटौती होगी, जो 14 नवंबर तक बढ़कर 10% तक पहुंच जाएगी। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि हालात और बिगड़े तो रोजाना करीब 1,800 फ्लाइट्स रद्द हो सकती हैं, जिससे लगभग 2.68 लाख यात्रियों की यात्रा प्रभावित होगी।
डेल्टा एयरलाइंस ने शुक्रवार को ही 170 उड़ानें रद्द कीं, यूनाइटेड ने 200 और अमेरिकन एयरलाइंस ने 220 उड़ानें रोक दीं। साउथवेस्ट ने भी सौ से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द की हैं। अब एयरलाइंस यात्रियों को सलाह दे रही हैं कि वे यात्रा से पहले बैकअप टिकट बुक कर लें और सीधी बुकिंग एयरलाइन के माध्यम से ही करें। कई कंपनियां टिकट बदलने पर अतिरिक्त शुल्क नहीं ले रही हैं और यात्रियों को रिफंड देने की बात कह रही हैं, हालांकि होटल या अन्य खर्च की भरपाई नहीं की जाएगी।
राजनीतिक रूप से यह मामला और गर्म हो गया है। डेमोक्रेट्स ने इसे ट्रम्प प्रशासन की नाकामी बताया है और कहा है कि जनता को दबाव में लाने के लिए यह शटडाउन जानबूझकर बढ़ाया जा रहा है। वहीं रिपब्लिकन नेताओं का कहना है कि जिम्मेदारी डेमोक्रेट्स की है, जो फंडिंग बिल पास नहीं होने दे रहे। इस शटडाउन के चलते 13,000 एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स और 50,000 टीएसए एजेंट बिना वेतन काम कर रहे हैं। साथ ही 6.7 लाख सरकारी कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजा जा चुका है और 7.3 लाख बिना तनख्वाह के नियमित काम कर रहे हैं।
यह स्थिति अमेरिकी इतिहास के सबसे लंबे सरकारी शटडाउन में बदल गई है। 2018 में भी ट्रम्प प्रशासन के दौरान 35 दिन तक शटडाउन चला था, लेकिन इस बार 37 दिन पार हो गए हैं। सरकारी योजनाओं पर भी असर पड़ने लगा है—4.2 करोड़ लोगों को मिलने वाली SNAP फूड सहायता रुक गई है और एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के पास सीमित फंड ही बचा है।
हवाई यात्रा, घरेलू आर्थिक गतिविधियों और आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर यह शटडाउन सीधे असर डाल रहा है। जबकि FAA ने चेतावनी दी है कि अगर वेतन बहाली नहीं हुई, तो एयर ट्रैफिक सिस्टम पूरी तरह खतरे में पड़ सकता है।