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113 तेजस मार्क-1A इंजनों की डील पक्की, HAL और अमेरिकी GE में ₹8,870 करोड़ का समझौता — 2027 से शुरू होगी सप्लाई

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भारत की रक्षा शक्ति को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (GE) के साथ करीब 1 अरब डॉलर यानी लगभग ₹8,870 करोड़ की डील कर ली है। इस समझौते के तहत GE भारतीय वायुसेना के लिए 113 जेट इंजन सप्लाई करेगी। ये इंजन तेजस मार्क-1A लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट में लगाए जाएंगे, जिनकी डिलीवरी 2027 से लेकर 2032 के बीच की जाएगी। HAL ने इस डील की जानकारी X (ट्विटर) पर साझा की और बताया कि कुल 97 तेजस मार्क-1A विमानों में इन्हीं इंजनों का इस्तेमाल होगा।

इससे पहले 25 सितंबर को केंद्रीय रक्षा मंत्रालय ने HAL के साथ 97 LCA तेजस मार्क-1A विमान बनाने के लिए ₹62,370 करोड़ का करार किया था। यानी, अब HAL के पास इन विमानों के निर्माण के साथ-साथ उनके लिए आवश्यक इंजनों की सप्लाई भी सुनिश्चित हो चुकी है। यह सौदा भारत की आत्मनिर्भर रक्षा नीति और तकनीकी सहयोग का एक अहम उदाहरण माना जा रहा है।

हालांकि यह पहली बार नहीं है जब तेजस से जुड़ी कोई बड़ी डील हुई हो। वर्ष 2021 में सरकार ने HAL को 83 तेजस मार्क-1A विमान बनाने का आदेश दिया था, जिसकी कीमत 48,000 करोड़ रुपए थी। लेकिन अमेरिकी इंजनों की डिलीवरी में देरी के चलते अभी तक एक भी विमान वायुसेना को नहीं सौंपा जा सका। उम्मीद जताई जा रही है कि 2028 तक सभी 83 विमान डिलीवर हो जाएंगे। फिलहाल GE ने HAL को 4 इंजनों की सप्लाई कर दी है, जिससे उत्पादन की तैयारी शुरू हो चुकी है।

तेजस मार्क-1A इस विमान का एडवांस वर्जन है और इसे पाकिस्तान बॉर्डर के नजदीक राजस्थान के बीकानेर स्थित नाल एयरबेस पर तैनात करने की योजना बनाई जा रही है। इस विमान की खासियत यह है कि इसमें आधुनिक रडार सिस्टम, खुद की रक्षा प्रणाली (Self Protection Jammer), और कंट्रोल एक्चुएटर्स जैसे हाई-टेक उपकरण शामिल हैं। 65% से अधिक हिस्से भारत में निर्मित किए जाते हैं, जो इसे ‘मेक इन इंडिया’ का सच्चा उदाहरण बनाते हैं। मार्क-1A एक हल्का लेकिन बेहद फुर्तीला चौथी पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जिसे हवा, जमीन और समुद्र पर हमलों के लिए डिजाइन किया गया है।

तेजस भारतीय वायुसेना के पुराने मिग-21 विमान की जगह ले रहा है। मिग-21 ने 62 साल की सेवा के बाद 26 सितंबर 2023 को रिटायरमेंट लिया था। इस विमान ने 1971 के युद्ध, कारगिल युद्ध और कई अहम मिशनों में उल्लेखनीय भूमिका निभाई थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी तेजस की क्षमता को परख चुके हैं। 25 नवंबर 2022 को उन्होंने बेंगलुरु में तेजस फाइटर जेट में उड़ान भरी थी, और ऐसा करने वाले वे पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने थे। इस उड़ान से पहले उन्होंने HAL के बेंगलुरु प्लांट का दौरा भी किया था।

कुल मिलाकर यह डील भारत और अमेरिका के रक्षा सहयोग को नई मजबूती देती है और भारतीय वायुसेना की ताकत को आने वाले वर्षों में और भी ऊंचाई पर ले जाएगी।

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