छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा के अरनपुर क्षेत्र में हुए घातक आईईडी हमले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को एजेंसी ने सुकमा और दंतेवाड़ा जिलों में एक साथ 12 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई 26 अप्रैल 2023 को हुए उस हमले से जुड़ी है, जिसमें नक्सलियों ने डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के जवानों को निशाना बनाया था। इस विस्फोट में 10 जवानों के साथ वाहन चालक की भी मौत हो गई थी, और इस घटना ने पूरे बस्तर क्षेत्र को झकझोर दिया था।
NIA ने बताया कि छापेमारी उन लोगों के ठिकानों पर की गई, जिन पर इस हमले में भूमिका होने का शक है या जो माओवादी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। तलाशी के दौरान एजेंसी को कई अहम और आपत्तिजनक सामग्री मिली है। इनमें नकदी, हस्तलिखित पत्र, मुद्रित रसीद बुक्स और डिजिटल उपकरण शामिल हैं। ये सबूत बताते हैं कि ये लोग सीपीआई (माओवादी) की फंडिंग, प्रचार तंत्र और गतिविधियों से जुड़े हुए थे।
एनआईए के अनुसार जिन ठिकानों की तलाशी ली गई, वहां से मिले सुराग साफ संकेत देते हैं कि इन व्यक्तियों के संबंध दरभा डिवीजन कमेटी के सक्रिय नक्सली कैडरों से रहे हैं। यही समूह उस ब्लास्ट को अंजाम देने में शामिल था, जिसे अरनपुर के पास पेडका गांव के नजदीक प्लान किया गया था। एजेंसी ने कहा कि इस छापेमारी में बरामद दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डेटा इस हमले के पीछे के बड़े नेटवर्क को समझने में मदद करेंगे।
एनआईए की जांच अब भी जारी है। अब तक इस केस में 27 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और दो चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी हैं। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि हाल ही में की गई तलाशी से मिले नए सबूत न सिर्फ इस केस को मजबूत बनाएंगे, बल्कि नक्सली संगठन की आर्थिक और लॉजिस्टिक सपोर्ट प्रणाली को भी उजागर करेंगे।