भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) भिलाई अपने 5वें दीक्षांत समारोह के लिए तैयार है। यह समारोह 10 नवंबर 2025 को संस्थान के नालंदा हॉल में आयोजित किया जाएगा। इस विशेष अवसर पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
कितने छात्रों को मिलेगी डिग्री?
इस वर्ष कुल 269 छात्रों को डिग्री प्रदान की जाएगी, जिनमें शामिल हैं:
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25 पीएचडी
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24 एमएससी
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58 एमटेक
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10 बीटेक (ऑनर्स)
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152 बीटेक स्नातक
कौन-कौन से अवॉर्ड्स मिलेंगे?
समारोह में मेधावी छात्रों को कई महत्वपूर्ण पुरस्कार दिए जाएंगे:
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संस्थान स्वर्ण पदक – बीटेक में सबसे ज्यादा सीजीपीए पाने वाले छात्र को
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निदेशक स्वर्ण पदक – बीटेक और एमटेक के उन छात्रों को, जिन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया हो
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उत्कृष्ट महिला छात्र पुरस्कार – बीटेक, बीटेक (ऑनर्स) और एमएससी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली छात्रा को
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सीनेट पुरस्कार – प्रत्येक शाखा और प्रोग्राम में उच्चतम सीजीपीए वाले छात्रों के लिए
डिजिटल डिग्री – टेक्नोलॉजी और पर्यावरण का संगम
IIT भिलाई डिजिटल इंडिया पहल के तहत एक अनोखा कदम उठा रहा है:
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छात्रों को डिजिटल डिग्री प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।
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ये डिग्री प्रमाणपत्र डिजिटल हस्ताक्षर (Digital Signature) के साथ सुरक्षित तरीके से जारी होंगे।
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इन्हें पेन-ड्राइव में समारोह के दिन छात्रों को सौंपा जाएगा।
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यह भारत का पहला संस्थान है जिसने इतनी व्यवस्थित तरीके से डिजिटल डिग्री का उपयोग शुरू किया है।
यह कदम कागज़ के उपयोग को कम कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रयास है।
️ IIT भिलाई – अब तक की यात्रा
| महत्वपूर्ण घटना | वर्ष |
|---|---|
| संस्थान की शुरुआत (अस्थायी कैम्पस, रायपुर) | 7 अगस्त 2016 |
| आधारशिला रखा – PM नरेंद्र मोदी | 14 जून 2018 |
| स्थायी परिसर राष्ट्र को समर्पित | 20 फरवरी 2024 |
| दूसरे चरण का शिलान्यास (वर्चुअल) | 27 सितंबर 2025 |
✅ समारोह की खास बातें एक नजर में
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स्थान: नालंदा हॉल, IIT भिलाई
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तारीख: 10 नवंबर 2025
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️ डिग्री पाने वाले छात्र: 269
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⚖️ मुख्य अतिथि: मनोज सिन्हा, उपराज्यपाल (जम्मू-कश्मीर)
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डिग्री फॉर्मेट: डिजिटल सर्टिफिकेट (Pen Drive में)
निष्कर्ष:
IIT भिलाई का यह दीक्षांत समारोह सिर्फ डिग्रियों का वितरण नहीं, बल्कि तकनीकी नवाचार, पर्यावरण-जागरूकता और उत्कृष्टता की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। डिजिटल डिग्री प्रणाली के साथ IIT भिलाई ने फिर साबित किया है कि वह भविष्य की शिक्षा और तकनीक का नेतृत्व करने के लिए तैयार है।