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छत्तीसगढ़ में फिर सस्ती बिजली का रास्ता खुला – 200 यूनिट तक आधा बिल योजना लागू करने की तैयारी

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छत्तीसगढ़ सरकार आम जनता को बिजली बिल में राहत देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार 100 यूनिट तक आधा बिजली बिल योजना को बढ़ाकर 200 यूनिट तक लागू करने की तैयारी में है। इस प्रस्ताव को बिजली विभाग ने अंतिम रूप देकर मुख्यमंत्री सचिवालय भेज दिया है और मंजूरी के बाद इसे मंत्रिमंडल की बैठक में लाया जाएगा।

अगर योजना लागू हो जाती है तो लगभग 14 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को सीधी राहत मिलेगी। फिलहाल जो उपभोक्ता 800–900 रुपए तक का बिल भर रहे हैं, उनका बिल घटकर 420 से 450 रुपए के बीच आ सकता है।


200 यूनिट पर कैसे मिलेगा फायदा? (उदाहरण से समझिए)

खपत वर्तमान बिल (₹) नई योजना में बिल (₹) सीधे राहत
200 यूनिट 840–870 420–435 ₹400–450 की राहत
  • पहले 100 यूनिट पर ₹4.10 प्रति यूनिट, और अगले 100 यूनिट पर ₹4.20 प्रति यूनिट चार्ज होता था।

  • पहले 100 यूनिट का बिल ₹410–₹450, अब इसका आधा यानी ₹205–₹225 देना होगा।

  • कुल मिलाकर 200 यूनिट पर उपभोक्ता को सिर्फ आधा भुगतान करना होगा।

यानी जहां पहले कोई परिवार ₹1250–₹1300 तक का बिल देता था, अब उसे ₹800–₹850 के भीतर बिजली मिल सकती है।


हाफ बिजली बिल योजना क्या है?

  • यह योजना 1 मार्च 2019 को शुरू हुई थी।

  • तब 400 यूनिट तक आधा बिल भरने की सुविधा थी।

  • भूपेश सरकार के समय यह योजना आम लोगों में सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक थी।

  • लेकिन अगस्त 2025 में नई सरकार ने इसे घटाकर सिर्फ 100 यूनिट तक सीमित कर दिया था, जिससे लाखों उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ा।

अब विपक्ष और जनता के विरोध के बाद सरकार एक बार फिर राहत देने जा रही है।


क्यों जरूरी हुई यह राहत?

  • 100 यूनिट की सीमा होने से छोटे परिवारों, मजदूर वर्ग और ग्रामीण इलाकों में बिजली बिल लगभग दोगुना हो गया था।

  • कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने सरकार के इस फैसले का विरोध किया।

  • कई जिलों में प्रदर्शन हुए, लोगों ने बढ़े बिल जलाकर विरोध जताया।

  • अंदरूनी चर्चाओं के बाद सरकार ने माना कि सीमित खपत करने वाले उपभोक्ताओं को राहत देना जरूरी है।


लेकिन सरकार पर कितना भार बढ़ेगा?

  • यदि 200 यूनिट तक हाफ बिल लागू होता है तो राज्य सरकार पर सैकड़ों करोड़ रुपए का अतिरिक्त सब्सिडी भार आ सकता है।

  • लेकिन सरकार का मानना है कि इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की जेब पर पड़ रहा दबाव कम होगा और बिजली बिल वसूली भी नियमित होगी।


आगे की प्रक्रिया क्या होगी?

  1. बिजली विभाग से भेजी गई फाइल अब मुख्यमंत्री कार्यालय में है।

  2. मंजूरी के बाद इसे कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा।

  3. फैसला पास होते ही दिसंबर से नई हाफ बिजली बिल योजना लागू की जा सकती है।


निष्कर्ष:
छत्तीसगढ़ सरकार फिर से जनता को राहत देने की तैयारी में है। अगर प्रस्ताव मंजूर हो जाता है तो आने वाले दिनों में लाखों उपभोक्ताओं के बिजली बिल आधे हो जाएंगे। यानी जेब पर बोझ कम और राहत ज्यादा। अब सबकी नजर मुख्यमंत्री की मंजूरी और कैबिनेट के फैसले पर टिकी है।

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