छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज़ हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जोहार पार्टी के प्रमुख अमित बघेल को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और उसके मंत्रियों ने अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अमित बघेल को सत्ता का संरक्षण मिल रहा है।
भूपेश बघेल ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति किसी भी धर्म या समाज के महापुरुष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करता है, तो वह सिर्फ उस समुदाय का नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का अपमान करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि “बीजेपी सरकार जातीय और सामाजिक विभाजन को बढ़ावा देने में लगी है, इसलिए वह मौन है।”
अजय चंद्राकर का पलटवार: “भूपेश खुद क्षेत्रीयता के जनक हैं”
भूपेश बघेल के इन आरोपों पर बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा,
“भूपेश बघेल राष्ट्रीय पार्टी के पदाधिकारी हैं, लेकिन उन्होंने अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए छत्तीसगढ़ में क्षेत्रीयता का ज़हर बोया। अब जब वही राजनीति उल्टी पड़ रही है, तो वह सरकार पर झूठे आरोप लगा रहे हैं।”
चंद्राकर ने आगे कहा कि बीजेपी सरकार और पुलिस ने पहले ही अमित बघेल को भगोड़ा घोषित कर दिया है, और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी चल रही है। “पेपर पढ़ लेना चाहिए भूपेश जी को — पुलिस अपना काम कर रही है, पर आप तो राजनीति में जातिवाद और क्षेत्रवाद के जनक बन चुके हैं,” उन्होंने तंज कसा।
विवाद की जड़ — अमित बघेल के विवादित बयान
पूरा विवाद उस समय भड़का जब 7 अक्टूबर 2025 को छत्तीसगढ़ जोहार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल ने सार्वजनिक कार्यक्रम में पंडित दीनदयाल उपाध्याय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अग्रसेन महाराज के खिलाफ विवादित बयान दिया।
उन्होंने कहा था,
“कौन हैं अग्रसेन महाराज? चोर हैं या झूठे? पाकिस्तानी सिंधी क्या जानते हैं मछली वाले भगवान के बारे में? उन्होंने हमारी छत्तीसगढ़ी महतारी का अपमान किया है।”
इस बयान के बाद राज्यभर में अग्रवाल समाज और सिंधी समाज ने तीव्र विरोध जताया। रायपुर, रायगढ़, सरगुजा और बिलासपुर समेत कई जिलों में एफआईआर दर्ज कराई गई।
छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत के सलाहकार अनूप मसंद ने बताया कि समाज के प्रतिनिधियों ने बैठक कर निर्णय लिया कि इस बयान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जाए। इसके बाद रायपुर की सिटी कोतवाली में अमित बघेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
मूर्ति तोड़फोड़ का मामला भी जुड़ा विवाद से
इसी बीच 26 अक्टूबर 2025 को रायपुर के VIP चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति से तोड़फोड़ की घटना ने माहौल को और संवेदनशील बना दिया।
घटना के बाद छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे पुलिस के साथ झड़प भी हुई।
अगले दिन पुलिस ने आरोपी को राम मंदिर के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी का नाम मनोज सतनामी बताया गया, जो सारंगढ़ के पुसौर का निवासी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी मानसिक रूप से अस्थिर था और नशे की हालत में इस घटना को अंजाम दिया।
अमित बघेल पर इनाम, तलाश जारी
रायपुर पुलिस ने जोहार पार्टी प्रमुख अमित बघेल की गिरफ्तारी के लिए ₹5,000 का इनाम घोषित किया है।
पुलिस का कहना है कि वह लगातार ठिकानों पर दबिश दे रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, बघेल फिलहाल अपने परिचितों के घरों में छिपते हुए लोकेशन बदल रहे हैं।
⚖️ राजनीति में गर्माया मुद्दा
भूपेश बघेल का आरोप है कि बीजेपी सरकार इस मामले में ढील बरत रही है, जबकि अजय चंद्राकर का कहना है कि भूपेश अपनी राजनीति को जीवित रखने के लिए समाज में विभाजन की राजनीति कर रहे हैं।
इस बयानबाज़ी ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ की राजनीति में धर्म, क्षेत्रीयता और समाजिक पहचान को लेकर बहस छेड़ दी है।