साउथ इंडियन नाश्ते की बात हो और डोसे का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। बाहर से पतला, कुरकुरा और अंदर से बेहद मुलायम यह डिश हर किसी का पसंदीदा है। लेकिन जब इसी साधारण डोसे में ऊपर से हल्की मसालेदार प्याज़ की परत लगा दी जाए, तो इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है। होटल में मिलने वाला प्याज़ वाला डोसा जिस तरह खस्ता और स्वाद से भरपूर होता है, वैसा ही नतीजा घर पर पाना मुश्किल लगता है। लेकिन सही बैटर, थोड़े से समय और तकनीक के साथ आप भी वही होटल जैसी महक और कुरकुरापन अपने किचन में पा सकते हैं।
सबसे पहले चावल, उड़द दाल और मेथी दाना को अच्छी तरह धोकर कुछ घंटों के लिए भिगो दिया जाता है। बाद में इन्हें पीसकर ऐसा घोल तैयार किया जाता है, जो न ज्यादा पतला हो, न ज्यादा गाढ़ा। इस बैटर को रातभर या लगभग 8–10 घंटे ढककर रख दिया जाता है, जिससे यह फर्मेंट होकर हल्का फूल जाए और अंदर बबल्स आ जाएँ—यही बैटर डोसे को वह विशेष खट्टापन और क्रिस्पी टेक्सचर देता है। फर्मेंटेशन के बाद इसमें नमक मिलाकर इसे पकाने के लिए तैयार कर लिया जाता है।
जब तवा अच्छी तरह गरम हो जाए, तब उस पर बैटर की एक पतली परत गोलाकार घुमाते हुए फैलाई जाती है। इसी पर बारीक कटी प्याज़, हरी मिर्च और हल्की काली मिर्च छिड़ककर उसे होटल जैसा स्वाद दिया जाता है। किनारों पर थोड़ा तेल या घी डालने से डोसा धीरे-धीरे किनारों से उठने लगता है और सुनहरा कुरकुरा रूप ले लेता है। जैसे ही इसकी नीचे की सतह बादामी रंग की दिखाई दे, इसे सावधानी से मोड़कर प्लेट में उतार लिया जाता है। गर्म-गर्म डोसे को नारियल चटनी, टमाटर चटनी या सांभर के साथ परोसने पर यह बिल्कुल रेस्टोरेंट जैसा आनंद देता है।
इस तरह घर पर बनाया गया प्याज़ वाला डोसा न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन होता है, बल्कि बनावट और सुगंध में भी होटल के डोसे की बराबरी करता है। थोड़ी तैयारी और सही तरीके से फैलाया हुआ बैटर पूरे परिवार के लिए यह डिश खास बना देता है।