गूगल पर यूरोपीय यूनियन ने कड़ा रुख अपनाते हुए उसकी स्पैम पॉलिसी को लेकर एंटीट्रस्ट जांच शुरू कर दी है। कई यूरोपीय प्रकाशकों का कहना है कि गूगल की नई नीति उनके रैंकिंग और कमाई दोनों पर सीधा असर डाल रही है। अगर कंपनी दोषी साबित होती है तो उसे अपनी वैश्विक बिक्री का 10% तक भारी-भरकम जुर्माना भरना पड़ सकता है, जो किसी भी टेक कंपनी के लिए बड़ा आर्थिक झटका साबित होगा।
मामला शुरू कहां से हुआ?
गूगल ने मार्च 2023 से उन साइट्स पर सख्ती शुरू की जो अपने सर्च रैंकिंग बढ़ाने के लिए पैरासाइट SEO का इस्तेमाल कर रही थीं। यह तरीका थर्ड-पार्टी पेज डालकर गूगल रैंकिंग बढ़ाने की कोशिश करता है। गूगल की नई स्पैम पॉलिसी ऐसे व्यवहार को सीधे रोकती है ताकि सर्च रिजल्ट्स साफ और प्रामाणिक रह सकें।
लेकिन यूरोपीय प्रकाशकों का आरोप है कि गूगल की यही पॉलिसी उनके वैध कंटेंट की रैंकिंग को भी नीचे धकेल रही है, जिससे उनकी कमाई में भारी गिरावट आ रही है।
यूरोपीय संघ का आरोप क्या है?
ईयू के अनुसार, अगर कोई न्यूज साइट या प्रकाशक अपने प्लेटफ़ॉर्म पर कमर्शियल पार्टनर की सामग्री डालता है, तो गूगल उसकी रैंकिंग कम कर देता है। इससे प्रकाशकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है, जबकि गूगल के पास सर्च मार्केट में पहले से ही व्यापक नियंत्रण है।
यूरोपीय एंटीट्रस्ट अधिकारियों ने कहा —
“हम सुनिश्चित करेंगे कि गूगल डिजिटल मार्केट्स एक्ट (DMA) का पालन करे।”
DMA के नियम बेहद सख्त हैं और बाजार में किसी भी तकनीकी दिग्गज के एकाधिकार को रोकने के लिए बनाए गए हैं।
गूगल की सफाई
गूगल ने पूरे मामले को ‘गलत दिशा में जा रही जांच’ बताया।
कंपनी का कहना है कि—
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उनकी एंटी स्पैम पॉलिसी जरूरी है,
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यह इंटरनेट को साफ और भरोसेमंद बनाए रखने के लिए लागू की गई है,
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और अगर इसे हटाया गया तो सर्च रिजल्ट्स की गुणवत्ता खराब होगी।
गूगल के चीफ साइंटिस्ट ने भी ब्लॉग में लिखा कि जर्मन कोर्ट पहले ही इस पॉलिसी को वैध ठहरा चुका है, इसलिए यह नियम सुधार के बजाय संरक्षण के लिए है।
क्यों है यह जांच इतनी अहम?
क्योंकि DMA के तहत:
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किसी भी नियम उल्लंघन पर कंपनी को उसकी ग्लोबल रेवन्यू का 10% तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
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यह टेक इतिहास के सबसे बड़े दंडों में गिना जा सकता है।
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कई यूरोपीय मीडिया समूहों ने भी इसी शिकायत को उठाया है कि गूगल की नीतियों से उनकी वेबसाइट्स की दृश्यता और कमाई दोनों में भारी गिरावट आई है।
यह मामला न केवल गूगल बल्कि पूरी डिजिटल इंडस्ट्री के लिए बड़ा मोड़ साबित हो सकता है, क्योंकि यूरोपीय संघ भविष्य में और भी कड़े नियम लागू करने की तैयारी में है।