अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय व्यापार आयोग (ITC) ने एक बार फिर एप्पल वॉच को जांच के घेरे में ले लिया है। आयोग ने यह जांच शुरू करने का निर्णय लिया है कि क्या एप्पल ने अपने नए संशोधित मॉडलों के जरिए पिछले आयात प्रतिबंध से बचने की कोशिश की है, या फिर ये नए मॉडल भी मैसिमो (Masimo) की पेटेंटेड रक्त-ऑक्सीजन मॉनिटरिंग तकनीक का उल्लंघन करते हैं। ITC ने स्पष्ट किया है कि यह नई जांच छह महीने में पूरी कर ली जाएगी, जिससे यह मामला तेजी से निर्णायक मोड़ ले सकता है।
क्या है विवाद की जड़?
यह पूरा मामला मेडिकल मॉनिटरिंग उपकरण बनाने वाली अमेरिकी कंपनी मैसिमो और एप्पल के बीच लंबे समय से चले आ रहे पेटेंट विवाद का हिस्सा है। मैसिमो का आरोप है कि एप्पल ने उसकी पल्स-ऑक्सीमेट्री तकनीक हासिल करने के लिए उसके कर्मचारियों को नौकरी पर रखा और फिर उस तकनीक का इस्तेमाल अपनी वॉच में किया। इसी आरोप के चलते ITC ने 2023 में एप्पल वॉच सीरीज 9 और अल्ट्रा 2 पर आयात प्रतिबंध लगाया था।
प्रतिबंध से बचने के लिए एप्पल ने इन मॉडलों से ब्लड-ऑक्सीजन फीचर हटाया, लेकिन अगस्त 2024 में अमेरिकी कस्टम्स से अनुमति मिलने के बाद उसने एक नए तकनीकी ढांचे के साथ यह फीचर फिर से वापस जोड़ दिया। यहीं से दोनों कंपनियों के बीच विवाद और गहराता चला गया।
एप्पल की सफाई और मैसिमो का आरोप
एप्पल का दावा है कि मैसिमो की शिकायतें पूरी तरह निराधार हैं और कंपनी का मकसद केवल एप्पल वॉच को बाजार में कमजोर करना है। एप्पल का कहना है कि मैसिमो खुद उसकी वॉच के डिजाइन की नकल कर चुका है और अब बेबुनियाद आरोपों के सहारे प्रतिस्पर्धा रोकना चाहता है।
दूसरी ओर, मैसिमो ने इस पूरे मामले को कस्टम्स विभाग तक घसीटते हुए वहां भी मुकदमा दायर कर दिया है। साथ ही, कैलिफोर्निया में भी उसने एप्पल के खिलाफ पेटेंट उल्लंघन और व्यापारिक रहस्यों की चोरी का केस दर्ज कर रखा है।
नवीनतम फैसला—एप्पल को देना होगा भारी हर्जाना
इसी हफ्ते कैलिफोर्निया की एक जूरी ने एप्पल को आदेश दिया है कि वह मैसिमो को पेटेंट उल्लंघन के लिए 634 मिलियन डॉलर का हर्जाना दे। 2023 में व्यापारिक रहस्यों के मामले में जूरी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी थी, जिसके कारण उस केस में मिस्ट्रायल घोषित कर दिया गया था।
दूसरी तरफ, डेलावेयर वाली एक काउंटरसूट में एप्पल को सिर्फ 250 डॉलर का बेहद मामूली हर्जाना मिला था—जो इस तकनीकी युद्ध के तीखे विरोधाभास को दिखाता है।
क्या आगे आयात रोक फिर से लागू हो सकता है?
नई जांच का मतलब है कि एप्पल वॉच के अपडेटेड मॉडलों पर दोबारा पाबंदी का खतरा मंडरा रहा है। अगर ITC यह मानता है कि संशोधित फीचर भी मैसिमो के पेटेंट का उल्लंघन करता है, तो एप्पल को फिर से भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है—आयात प्रतिबंध के रूप में और भारी भरकम मुआवजे के रूप में।