रायपुर में तनाव उस वक्त बढ़ गया जब क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत पर पुलिस ने आपराधिक धमकी और लोक सेवकों को डराने-धमकाने के आरोप में FIR दर्ज कर दी। मामला तब शुरू हुआ जब शेखावत ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर के पुलिस जुलूस का विरोध किया और पुलिस अधिकारियों, यहां तक कि रायपुर SSP के घर तक में घुसने की धमकी दे दी।
इसके बाद पुरानी बस्ती थाना प्रभारी रहे इंस्पेक्टर योगेश कश्यप ने मौदहापारा थाने में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके आधार पर BNS की धाराओं में 15 नवंबर को FIR दर्ज की गई।
लेकिन हैरानी की बात यह रही कि FIR के बाद भी शेखावत ने शांत होने के बजाय सोशल मीडिया पर फिर धमकी भरा संदेश दे दिया।
गृहमंत्री विजय शर्मा का कड़ा संदेश—“छत्तीसगढ़ में गड़बड़ी करने वाले को छोड़ा नहीं जाएगा”
राज्य के डिप्टी सीएम और गृह मंत्री विजय शर्मा ने साफ कहा कि—
“अपराधी कोई भी क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
सामाजिक संस्थाएं किसी अपराधी के पीछे खड़ी होने के लिए नहीं होतीं।
छत्तीसगढ़ में कानून हाथ में लेने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।”
वीरेंद्र तोमर मामला—14 दिन की न्यायिक रिमांड, भाई रोहित फरार
हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर, जिसको लेकर पूरा विवाद खड़ा हुआ, फिलहाल 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल में है।
पुलिस के मुताबिक, तोमर पर रायपुर के कई थानों में 16 से अधिक केस दर्ज हैं—
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सूदखोरी
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रंगदारी
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मारपीट
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हत्या का प्रयास
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अवैध हथियार
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धोखाधड़ी
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ब्लैकमेलिंग
उसका भाई रोहित तोमर अभी भी फरार है और उसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
शेखावत का लाइव—पुलिस को ‘डूब मरो’ कहकर भड़के, आरोप लगाया कि प्रशासन ने जुलूस में की बर्बरता
अपने एक घंटे लंबे सोशल मीडिया LIVE में शेखावत ने पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए—
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कहा कि पुलिस ने वीरेंद्र तोमर को नंगे पैर, धूप में, हथकड़ी लगाकर अपमानित किया।
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पुलिस पर घर में घुसकर परिवार को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।
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टीआई योगेश कश्यप पर महिलाओं के साथ बदसलूकी का आरोप लगाते हुए कहा— “ऐसे पुलिसवाले डूब मरो।”
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चेतावनी दी कि लाखों क्षत्रिय रायपुर कूच करेंगे।
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धमकी दी—
“SP के ऑफिस नहीं, घर पर आऊंगा… जितनी फोर्स बुलानी है बुला लो, रोक नहीं पाओगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़ी, तो गृह मंत्री के बंगले में घुसकर जवाब दिया जाएगा।
रेज—शेखावत बोले: “चाय बेचने वाला प्रधानमंत्री बन सकता है, तो अंडे का ठेला लगाने वाला व्यापारी क्यों गलत?”
वीरेंद्र तोमर को शेखावत ने व्यापारी बताया और कहा कि—
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उसने किसी पर जोर-जबरदस्ती नहीं की
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सभी लोगों ने खुद जरूरत में कर्ज लिया
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पेपर पर हस्ताक्षर किए
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उसे आतंकवादी की तरह क्यों घसीटा गया?
राजपूत समाज को खुला संदेश—“केसरिया झंडा और मजबूत डंडा लेकर आना”
अपने LIVE में शेखावत ने समाज से आह्वान किया—
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“7 दिसंबर को न्याय महापंचायत होगी”
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“सभी क्षत्रिय मजबूत डंडा लेकर आएं”
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“जिन अफसरों ने अत्याचार किए, उनके घर में घुसकर जवाब दिया जाएगा”
यह बयान रायपुर-पुलिस प्रशासन के लिए सीधी चुनौती माना जा रहा है।
पुलिस क्यों हुई एक्शन मोड में?
9 नवंबर को पुलिस ने कोर्ट में पेश करने से पहले वीरेंद्र तोमर का जुलूस निकाला था।
इस दौरान—
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वो लंगड़ा रहा था
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उसकी बनियान फटी हुई थी
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सड़क पर बेहोश हो गया
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उसकी पत्नी ने पुलिस से कहा— “मार डालो मेरे पति को!”
यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद तनाव भड़क गया।
करणी सेना का आधिकारिक रुख उल्टा—3 महीने पहले मकराना ने कहा था: “तोमर का करणी सेना से कोई संबंध नहीं”
राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना पहले ही साफ कर चुके हैं कि—
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करणी सेना का तोमर बंधुओं से कोई लेना-देना नहीं
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संगठन का नाम निजी स्वार्थ और अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल न किया जाए
लेकिन अब राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत खुलकर तोमर के समर्थन में खड़े हैं।
कुल मिलाकर स्थिति
रायपुर में कानून-व्यवस्था का मुद्दा इस घटना से और गर्म हो गया है।
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एक ओर पुलिस जुलूस निकालने को लेकर सवालों में है
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दूसरी ओर करणी सेना नेतृत्व का खुलेआम पुलिस को चुनौती देना माहौल को और तनावपूर्ण बना रहा है
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FIR के बाद भी शेखावत की बढ़ती आक्रामकता ने पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है
पहले ये तस्वीरें देखिए…
वीरेंद्र सिंह तोमर के समर्थकों ने केंद्रीय जेल के बाहर प्रदर्शन और नारेबाजी भी की।
कोर्ट के बाहर वीरेंद्र तोमर ने कहा कि मैं अपराधी नहीं हूं, मुझे फंसाया जा रहा।
