एडटेक सेक्टर की चर्चित कंपनी फिजिक्सवाला (PhysicsWallah) ने मंगलवार को शेयर बाजार में धमाकेदार शुरुआत की। निवेशकों की मजबूत मांग और आईपीओ के प्रति भारी उत्साह का नतीजा यह रहा कि कंपनी के शेयर एनएसई पर 145 रुपये पर खुले, जो इसके 109 रुपये के अपर प्राइस बैंड से लगभग 33 प्रतिशत ज्यादा है। यह प्रदर्शन मार्केट की उम्मीदों से कहीं बेहतर रहा, क्योंकि विश्लेषकों ने इसकी लिस्टिंग 10 से 13 प्रतिशत प्रीमियम पर होने की संभावना जताई थी।
बीएसई पर शेयरों की लिस्टिंग 143.10 रुपये पर हुई, जो लगभग 31 प्रतिशत प्रीमियम को दर्शाती है। शानदार मार्केट डेब्यू के बाद कंपनी का मार्केट कैप करीब 40,922 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिससे एडटेक सेक्टर में एक नई ऊर्जा दिखाई देने लगी है। आईपीओ को 11 से 13 नवंबर के बीच निवेशकों का मजबूत रिस्पॉन्स मिला था और यह लगभग दो गुना सब्सक्राइब हुआ, जिसने लिस्टिंग के दिन की चमक को और बढ़ा दिया।
हालांकि, इस जोश के बीच कुछ विशेषज्ञों की सलाह थोड़ी संयमित है। कंपनी की राजस्व वृद्धि भले ही बेहद तेज है—FY23 में 772 करोड़ रुपये से बढ़कर FY25 में 3,000 करोड़ रुपये के पार—but इसके साथ ही एक चुनौती भी है। वित्त वर्ष 2023 से 2025 के बीच फिजिक्सवाला को कुल मिलाकर 1,400 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा हुआ है। यह घाटा कंपनी की लाभ कमाने की क्षमता पर सवाल खड़ा करता है और बताता है कि कंपनी के ऑपरेशनल मॉडल में अभी काफी सुधार की गुंजाइश है।
आईपीओ से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी ऑफलाइन विस्तार, टेक्नोलॉजी अपग्रेड और मार्केटिंग में करेगी। वहीं, निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि फिजिक्सवाला अगले कुछ तिमाहियों में ऑपरेशनल खर्चों पर कितनी काबू पा पाता है और घाटे से उबरने की दिशा में कितनी तेजी से आगे बढ़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी को निवेशकों का भरोसा मजबूत रखने के लिए खुद को जल्द साबित करना होगा, क्योंकि एडटेक सेक्टर में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है और लाभप्रदता हासिल करना आसान नहीं है।
कल्पतरु मल्टीप्लायर्स के आदित्य मनिया जैन का कहना है कि लंबी अवधि के नजरिए से सीमित मात्रा में इस स्टॉक में निवेश किया जा सकता है, लेकिन कंपनी की वास्तविक क्षमता का आकलन करने के लिए कुछ तिमाही नतीजों का इंतजार करना समझदारी होगी। फिलहाल, PhysicsWallah की जोरदार लिस्टिंग ने मार्केट में उत्साह जरूर पैदा किया है, पर असली परीक्षा ऑपरेशनल स्थिरता और घाटे को नियंत्रित करने में होगी।