बजाज ऑटो ने KTM की पैरेंट कंपनी PMAG को खरीदकर दुनिया की सबसे चर्चित बाइक पार्टनरशिप को फुल ओनरशिप में बदल दिया—अब KTM, हुस्कवर्ना और गैसगैस तीनों ब्रांड्स पर बजाज का पूरा कमांड।
बजाज ऑटो ने आखिरकार वह कदम उठा लिया, जिसकी चर्चा सालभर से वैश्विक ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में हो रही थी। भारतीय दिग्गज कंपनी बजाज ने ऑस्ट्रिया की प्रसिद्ध बाइक निर्माता KTM पर पूरा कंट्रोल हासिल कर लिया है। यह कदम तब संभव हुआ जब बजाज ऑटो इंटरनेशनल होल्डिंग्स बीवी ने KTM की पैरेंट कंपनी पियरर मोबिलिटी एजी यानी PMAG को पूरी तरह खरीद लिया। इस सौदे के बाद बजाज अब KTM, हुस्कवर्ना और गैसगैस—तीनों ब्रांड्स की अकेली मालिक बन चुकी है। कंपनी ने अपनी BSE-NSE फाइलिंग में इस बड़ी डील का खुलासा किया है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि अब KTM के हर बड़े निर्णय पर बजाज का अंतिम अधिकार होगा।
यह सफर 2007 में शुरू हुआ था, जब बजाज ने पहली बार KTM में 14.5% हिस्सेदारी खरीदी थी। साझेदारी गहराती गई और यह रिश्ता सिर्फ निवेश तक सीमित नहीं रहा। 2012 में KTM ने पहली बार भारतीय बाजार में एंट्री की और बजाज के प्लेटफॉर्म पर ड्यूक 200 लॉन्च की गई। यह मॉडल इतनी तेजी से लोकप्रिय हुआ कि KTM रातों-रात भारत में एक प्रीमियम बाइक ब्रांड के रूप में स्थापित हो गया। युवा राइडर्स के बीच इसकी पकड़ इतनी मजबूत बनी कि लाखों यूनिट्स की बिक्री ने KTM को भारतीय बाजार में महत्वपूर्ण स्थान दिला दिया।
समय के साथ बजाज की हिस्सेदारी बढ़ती गई। 2020 में यह 48% पहुंची और अगले ही साल लगभग 50% तक। इसी दौरान KTM को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। यहां तक कि कंपनी MotoGP बाइक्स के डेवलपमेंट को रोकने की स्थिति में आ गई थी। ऐसे समय में बजाज ने आगे बढ़कर KTM को सपोर्ट दिया और वित्तीय स्थिरता प्रदान की। अब PMAG के 74.9% शेयर बजाज ऑटो के पास हैं और कंपनी आधिकारिक रूप से बजाज ऑटो की सब्सिडियरी बन चुकी है।
इस अधिग्रहण के साथ ही मैनेजमेंट और स्ट्रक्चर में बदलाव शुरू हो गए हैं। PMAG का नाम बदलकर बजाज मोबिलिटी एजी कर दिया गया है, जबकि पियरर बजाज एजी का नया नाम बजाज ऑटो इंटरनेशनल होल्डिंग्स एजी रखा गया है। बोर्ड और नेतृत्व में भी कई बदलाव किए जा रहे हैं ताकि KTM के ग्लोबल ऑपरेशंस को और मजबूती दी जा सके। हालांकि सौदे की कुल कीमत सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन यह साफ है कि बजाज अभी KTM के फ्यूचर ग्रोथ रोडमैप का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले चुकी है।
भारतीय बाजार के लिए यह डील बेहद अहम मानी जा रही है। KTM ने बजाज के विशाल डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क की मदद से महानगरों से निकलकर छोटे शहरों और कस्बों तक अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। ड्यूक और एडवेंचर सीरीज जैसी बाइक्स पहले ही युवाओं के बीच प्रतिष्ठा बन चुकी हैं और अब दोनों कंपनियों की टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता साथ आने से कई नए और इनोवेटिव मॉडल्स आने की उम्मीद है। इससे भारतीय प्रीमियम बाइक सेगमेंट को वैश्विक स्तर की मजबूती मिलने की संभावना है।
फ्यूचर प्लान्स पर नजर डालें तो बजाज पहले ही KTM के ऑपरेशंस को रीऑर्गनाइज़ करने में जुट गई है। कंपनी इलेक्ट्रिक बाइक्स, हाई-परफॉर्मेंस राइड्स और मोटोजीपी प्रोजेक्ट के पुनर्जीवन पर फोकस कर रही है। बजाज के मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव बजाज ने इसे सिर्फ बिजनेस डील नहीं, बल्कि दो ताकतवर कंपनियों का ऐसा मिलन बताया है जो आने वाले वर्षों में ग्लोबल मोटरसाइकिल इंडस्ट्री का चेहरा बदल सकता है।
कुल मिलाकर, 17 साल पुरानी यह साझेदारी अब एक नई दिशा में प्रवेश कर चुकी है—जहां बजाज KTM के भूतकाल, वर्तमान और भविष्य—सबका अकेला नियंत्रक बन चुका है। इससे न सिर्फ KTM की ग्रोथ को मजबूत आधार मिलेगा, बल्कि भारत के टू-व्हीलर मार्केट में भी एक नई प्रतिस्पर्धा और नए अवसरों का दौर शुरू होगा।