सर्दियों के मौसम में ऐसा कुछ खाने का मन होता है जो हल्का भी हो, स्वादिष्ट भी और शरीर को गर्माहट भी दे। कुट्टू का डोसा बिल्कुल ऐसी ही डिश है—ग्लूटेन-फ्री, हाई फाइबर, एनर्जी से भरपूर और पारंपरिक डोसे जैसी क्रिस्पी टेक्सचर वाली। कुट्टू के आटे में मौजूद मैग्नीशियम, आयरन और प्रोटीन शरीर को मजबूत बनाते हैं, और दही मिलाने से इम्यूनिटी को एक अतिरिक्त बूस्ट मिलता है। यही वजह है कि यह डोसा स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन मेल बन जाता है।
कुट्टू डोसा तैयार करने के लिए कुट्टू के आटे में दही और जरूरत के अनुसार पानी मिलाकर एक चिकना घोल बनाया जाता है। इसमें नमक, बारीक कटी हरी मिर्च और ताज़ा धनिया डालने से इसका स्वाद और अधिक निखरता है। घोल न ज़्यादा पतला होना चाहिए, न बहुत गाढ़ा, बस इतना कि तवे पर आसानी से फैल सके। लगभग 10–15 मिनट इसे रेस्ट करने देने से बैटर सेट हो जाता है और डोसा और भी क्रिस्पी बनकर तैयार होता है।
तवा गर्म होने पर हल्का-सा तेल लगाकर बैटर को करछी से डालें और धीरे-धीरे गोलाकार में फैलाएँ। मध्यम आँच पर इसे तब तक पकाएँ जब तक नीचे का हिस्सा सुनहरा न हो जाए। फिर इसे पलटकर दूसरी ओर भी हल्का-सा तेल लगाते हुए सेकें। चाहें तो बैटर में प्याज या कद्दूकस की गई गाजर भी मिलाई जा सकती है, जिससे स्वाद और पौष्टिकता दोनों बढ़ जाते हैं।
गरमा-गरम, सुगंध से भरपूर कुट्टू का डोसा नारियल चटनी, टमाटर की चटनी या दही के साथ परोसें। यह सुबह के नाश्ते के साथ-साथ शाम के हल्के भोजन के लिए भी एक बेहतरीन विकल्प है—सर्दियों में हेल्दी और टेस्टी शुरुआत करने का परफेक्ट तरीका।