पिछले एक हफ्ते में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक 21 नवंबर को 10 ग्राम सोना जहाँ ₹1,23,146 पर था, वहीं 28 नवंबर तक इसका भाव बढ़कर ₹1,26,591 हो गया। यह ₹3,445 की बढ़त है। इससे पहले 17 अक्टूबर को सोना ₹1,30,874 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच चुका था, जो अब तक की उसकी सबसे ऊँची कीमत मानी जाती है।
चांदी ने भी इस हफ्ते तेजी के मामले में सोने को पीछे छोड़ दिया। 21 नवंबर को 1 किलो चांदी ₹1,51,129 में मिल रही थी, लेकिन सिर्फ सात दिनों में इसका दाम छलांग लगाकर ₹1,64,359 तक पहुंच गया। यानी ₹13,230 का उछाल। 14 अक्टूबर को यह धातु ₹1,78,100 प्रति किलो के उच्चतम स्तर पर पहुँच चुकी थी।
पूरे साल के रुझान पर नज़र डालें तो तस्वीर और भी दिलचस्प है। 31 दिसंबर 2024 को जहाँ 24 कैरेट सोना ₹76,162 प्रति 10 ग्राम था, वहीं अब यह बढ़कर ₹1,26,591 पर आ चुका है—कुल बढ़ोतरी ₹50,429 की। इसी तरह चांदी साल की शुरुआत में ₹86,017 प्रति किलो थी, जो अब ₹1,64,359 पर पहुँच गई है, यानी पूरे साल में ₹78,342 की बढ़त। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता, मुद्रा उतार–चढ़ाव और निवेशकों का सोने–चांदी की ओर झुकाव इस उछाल की बड़ी वजहें मानी जा रही हैं।
सोना खरीदने वालों के लिए दो बातें बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। पहली, हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदना चाहिए। हॉलमार्क का अल्फ़ान्यूमेरिक कोड यह प्रमाणित करता है कि सोने की शुद्धता क्या है और यह वास्तव में कितने कैरेट का है। दूसरी, सोना लेने से पहले उसके वजन और उस दिन की कीमत को अलग–अलग विश्वसनीय सोर्सेज से क्रॉस चेक करना जरूरी है। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट की कीमतें अलग–अलग होती हैं, इसलिए सही दर जानना ग्राहकों को अनावश्यक भुगतान से बचाता है।
सोने–चांदी की कीमतों में यह तेज़ रफ्तार बताती है कि आने वाले समय में भी बहुमूल्य धातुओं का बाजार निवेशकों की नजरों में केंद्र बना रहेगा।