आधार में मोबाइल नंबर अब घर बैठे बदल सकेंगे: OTP और फेस ऑथेंटिकेशन से मिनटों में होगा अपडेट, डॉक्यूमेंट या सेंटर जाने की जरूरत नहीं

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जल्द ही आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर को अपडेट करने के लिए न तो किसी एनरोलमेंट सेंटर की लाइन में लगना पड़ेगा और न ही बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का झंझट झेलना पड़ेगा। UIDAI ने एक नई डिजिटल सर्विस की घोषणा की है, जिसके बाद मोबाइल नंबर बदलने की पूरी प्रक्रिया स्मार्टफोन पर ही पूरी हो जाएगी। यह सुविधा खास तौर पर दूरदराज इलाकों में रहने वाले लोगों, बुजुर्गों और उन सभी के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी जिन्हें अभी तक सिर्फ एक छोटे-से कार्य के लिए आधार केंद्र जाना पड़ता था।

UIDAI द्वारा लॉन्च की गई इस नई सर्विस में आधार एप के माध्यम से यूजर अपना आधार नंबर और नया मोबाइल नंबर दर्ज करेगा, जिसके बाद OTP वेरिफिकेशन किया जाएगा। OTP पुराना या नया किसी भी नंबर पर भेजा जा सकता है। इसके बाद स्मार्टफोन के कैमरे से फेस ऑथेंटिकेशन पूरा होते ही मोबाइल नंबर अपडेट हो जाएगा। न कोई दस्तावेज़, न कोई फॉर्म—पूरी प्रक्रिया सिर्फ कुछ मिनटों में पूरी हो जाएगी।

आधार में मोबाइल नंबर अपडेट रहना क्यों जरूरी है? इसका कारण यह है कि देश की सबसे बड़ी पहचान प्रणाली होने के नाते आधार आज लगभग हर सरकारी और निजी सर्विस का आधार बन चुका है। बैंक अकाउंट खोलना हो, सरकारी सब्सिडी लेनी हो, इनकम टैक्स वेरिफिकेशन करना हो या डिजीलॉकर जैसी डिजिटल सर्विस का इस्तेमाल—हर जगह OTP की जरूरत पड़ती है, जो आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर ही आता है। अगर नंबर पुराना हो जाए या खो जाए तो यूजर अपने ही डिजिटल सिस्टम से बाहर हो जाता है। इसी समस्या को दूर करने के लिए UIDAI यह डिजिटल सुविधा लेकर आया है।

UIDAI ने पिछले महीने आधार का नया मोबाइल एप पेश किया था, जिसमें एक ही फोन पर पांच लोगों के आधार कार्ड मैनेज करने की सुविधा है। यह ऐप प्राइवेसी-फर्स्ट डिजाइन पर आधारित है, जहाँ यूजर केवल वही जानकारी शेयर कर सकता है जो आवश्यक है। UPI की तरह QR स्कैन कर आधार विवरण शेयर करने का विकल्प भी उपलब्ध है। सुरक्षा के लिए फेस ऑथेंटिकेशन जोड़ा गया है जिससे लॉगिन और डेटा शेयरिंग दोनों और सुरक्षित हो गए हैं।

इस नए आधार एप में कई खास फीचर्स शामिल हैं—जैसे ई-आधार को फोन में सुरक्षित रखने की सुविधा, फेस स्कैन के जरिए जानकारी साझा करने का विकल्प, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, मल्टी-लैंग्वेज सपोर्ट और ऑफलाइन मोड में आधार देखने की सुविधा। हालांकि पुराने mAadhaar ऐप का इस्तेमाल अभी भी PDF डाउनलोड, PVC कार्ड या कुछ विशेष अपडेट्स के लिए ही किया जाएगा। नया आधार एप मुख्य रूप से सेफ डेटा शेयरिंग और डिजिटल उपयोग के लिए बनाया गया है।

नया एप होटल चेक-इन, SIM एक्टिवेशन, बैंक KYC जैसे कामों को काफी तेज कर देगा। परिवार के आधार कार्ड एक ही फोन से मैनेज किए जा सकेंगे और सिलेक्टिव शेयरिंग से निजी जानकारी अनावश्यक रूप से किसी के पास नहीं जाएगी। 2009 में शुरू हुआ आधार अब पूरी तरह डिजिटल पहचान व्यवस्था में बदल रहा है, और सरकार की कोशिश है कि अधिकतम सेवाएँ ऑनलाइन हों, ताकि लोगों को सुविधा मिले और प्रक्रियाएँ पारदर्शी हों।

नई सर्विस से यूजर्स के लिए आधार की दुनिया और आसान होने जा रही है—जहाँ मोबाइल नंबर बदलना भी अब बस कुछ मिनटों का काम रह जाएगा।

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