आज के समय में खर्च लगातार बढ़ते जा रहे हैं और नौकरी की सैलरी पर ही पूरी तरह निर्भर रहना कई बार मुश्किल हो जाता है। शिक्षा, इलाज, घर और रोज़मर्रा की जरूरतों की लागत पहले से कहीं ज्यादा है, ऐसे में लोग अतिरिक्त कमाई की तलाश में रहते हैं। टेक्नोलॉजी और इंटरनेट ने इस खोज को आसान बना दिया है—अब घर बैठे या खाली समय में भी पैसे कमाए जा सकते हैं। यही वजह है कि साइड इनकम आज की जरूरत बन चुकी है, जो न सिर्फ आर्थिक सुरक्षा देती है बल्कि सेविंग और निवेश बढ़ाने में भी मदद करती है।
फाइनेंशियल एडवाइजर जितेंद्र सोलंकी बताते हैं कि किसी भी व्यक्ति के लिए साइड इनकम आज के समय की आर्थिक मजबूती का स्तंभ है। अक्सर नौकरी की आय पर्याप्त नहीं होती और घर का बजट संभालना चुनौती बन जाता है। ऐसे में कुछ घंटे अतिरिक्त काम में लगाने से महीने के अंत में एक अच्छी रकम जमा की जा सकती है, जिससे जीवन आसान हो जाता है।
साइड इनकम करना मुश्किल नहीं है—इसके लिए बड़े सेटअप या भारी पूंजी की जरूरत भी नहीं होती। फ्रीलांसिंग जैसे लेखन, डिजाइनिंग, वीडियो एडिटिंग, डिजिटल मार्केटिंग या कोडिंग आज सबसे लोकप्रिय तरीके हैं। फ्रीलांसर और Fiverr जैसे प्लेटफॉर्म पर आसानी से प्रोजेक्ट मिल जाते हैं और हफ्ते भर में 10–12 घंटे देकर कोई भी व्यक्ति 10,000 से 25,000 रुपए तक कमा सकता है।
अगर लिखने या वीडियो बनाने का शौक है, तो ब्लॉगिंग, यूट्यूब और इंस्टाग्राम भी कमाई का बड़ा जरिया बन सकते हैं। शुरुआत में मेहनत ज्यादा लगती है और कमाई धीरे-धीरे बढ़ती है, लेकिन फॉलोअर्स या ट्रैफिक बढ़ जाने पर विज्ञापन, स्पॉन्सरशिप और एफिलिएट आय आने लगती है।
जो लोग पढ़ाने में अच्छे हैं, उनके लिए ऑनलाइन ट्यूशन एक बेहतरीन विकल्प है। किसी विषय में दक्षता हो तो गूगल मीट पर क्लास ली जा सकती है या खुद का डिजिटल कोर्स बनाकर बेचा जा सकता है। अनएकेडमी और अन्य प्लेटफॉर्म भी अध्यापन का अच्छा मौका देते हैं।
ई-बुक लिखना भी आसान और लाभदायक तरीका है। किंडल जैसे प्लेटफॉर्म पर अपनी किताब अपलोड करके लेखक घर बैठे आमदनी कर सकता है। इसी तरह ई-कॉमर्स या रिसेलिंग में छोटे स्तर से शुरुआत की जा सकती है—अमेजन और फ्लिपकार्ट पर कपड़े, हैंडीक्राफ्ट या घरेलू सामान बेचकर अच्छा साइड बिजनेस तैयार किया जा सकता है।
निवेश भी साइड इनकम का एक मजबूत स्तंभ है। म्यूचुअल फंड SIP, शेयर बाजार, बॉन्ड्स या डिजिटल गोल्ड में नियमित निवेश करके पैसे से पैसा कमाया जा सकता है। लंबे समय तक निवेश करने से बड़ा फंड तैयार होता है और आर्थिक मजबूती बढ़ती है।
हालांकि साइड इनकम शुरू करते समय कुछ गलतियों से बचना जरूरी है—जल्दबाजी में बड़े वादों वाले स्कैम में फंसना, बिना प्लानिंग के काम शुरू कर देना, अपनी क्षमता से ज्यादा समय या पैसा लगाना, और नौकरी के काम को प्रभावित होने देना सबसे आम गलतियाँ हैं। शुरुआत हमेशा छोटे स्तर पर करें और धीरे-धीरे आगे बढ़ें।
फ्रीलांसिंग, ब्लॉगिंग या यूट्यूब स्थायी आमदनी दे सकते हैं, लेकिन इसके लिए समय और निरंतर मेहनत चाहिए। शुरुआत में आय कम होती है, लेकिन धीरे-धीरे स्थिरता आती है। नौकरी जैसी स्थिर कमाई तभी बनती है जब कोई लंबे समय तक लगातार अच्छा काम करता है।
साइड इनकम को निवेश से जोड़ना आर्थिक रूप से सबसे समझदारी भरा फैसला है। अतिरिक्त कमाई को खर्च करने के बजाय SIP, शेयर मार्केट, गोल्ड, PPF या NPS में लगाया जाए तो समय के साथ संपत्ति बढ़ने लगती है।
नौकरी और साइड इनकम के बीच संतुलन बनाने के लिए सबसे जरूरी है टाइम मैनेजमेंट। हफ्ते में या रोज़ कुछ तय घंटे निकालें, वीकेंड का समय अतिरिक्त कामों के लिए रखें और दिलचस्पी वाले क्षेत्र को ही चुनें। वरना तनाव और बर्नआउट तेजी से बढ़ता है।
फ्रीलांसिंग या छोटे कामों के लिए शुरुआत में किसी लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होती, लेकिन यदि इनकम बढ़ने लगे या ई-कॉमर्स बिजनेस हो तो GST और टैक्स नियमों का ध्यान रखना चाहिए। साइड इनकम से मिली कमाई भी टैक्सेबल है—इसका रिकॉर्ड रखना आगे चलकर टैक्स प्लानिंग को आसान बनाता है।
साइड इनकम करते समय बर्नआउट से बचने के लिए जरूरी है कि हर 7–10 दिन में एक दिन पूरी तरह आराम के लिए रखें, अपने समय का संतुलन बनाएं और अनावश्यक दबाव न डालें। ऐसा काम ही चुनें जिसमें दिल लगे, तभी यह अतिरिक्त जिम्मेदारी नहीं बल्कि खुशी का काम महसूस होगा।
सही रणनीति और थोड़ी प्लानिंग के साथ साइड इनकम आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकती है और भविष्य के लिए सुरक्षित फंड तैयार करने में मदद कर सकती है।