Zoom को अक्सर एक टेक्नोलॉजी सफलता की कहानी के रूप में देखा जाता है, लेकिन इसकी असली जड़ें एक खूबसूरत और प्रेरणादायक प्रेम कहानी में छुपी हैं। इसके संस्थापक एरिक युआन को वीडियो कॉलिंग जैसा सहज प्लेटफॉर्म बनाने का आइडिया कहीं किसी मीटिंग रूम में नहीं, बल्कि कॉलेज के दिनों में अपनी लॉन्ग-डिस्टेंस रिलेशनशिप के दौरान आया था। वह संघर्ष, वह दूरी और हर हफ्ते 10 घंटे लंबी ट्रेन यात्रा—इन्हीं ने वह सोच पैदा की, जिसने Zoom जैसी क्रांतिकारी कंपनी को जन्म दिया।
चीन में कॉलेज के दिनों में एरिक की मुलाकात शैरी से हुई। दोनों अलग-अलग विश्वविद्यालयों में पढ़ते थे, इसलिए एक-दूसरे से मिलने के लिए एरिक को हर हफ्ते थकाने वाली 10 घंटे की ट्रेन यात्रा करनी पड़ती थी। इसी दिनचर्या ने उनके मन में सवाल जगाया—क्या कोई ऐसा तरीका नहीं हो सकता जिससे दूर बैठे लोग एक-दूसरे को ऐसे देख और बात कर सकें जैसे वे सामने मौजूद हों? इसी विचार का बीज आगे चलकर Zoom बना।
कॉलेज के बाद भी एरिक ने इस सपने को छोड़ा नहीं। जब उन्होंने अमेरिका जाने की कोशिश की तो उनका वीजा आठ बार रिजेक्ट हुआ, लेकिन उन्होंने अपनी हिम्मत नहीं खोई। 1997 में आखिरकार वे सिलिकॉन वैली पहुँचे और WebEx से जुड़ गए। बाद में Cisco द्वारा WebEx के अधिग्रहण के बाद वे इंजीनियरिंग के वाइस प्रेसिडेंट के पद तक पहुँचे। यहाँ उन्होंने एक आसान और स्मूथ वीडियो कॉलिंग सिस्टम बनाने का सुझाव दिया, लेकिन कंपनी ने उनके सभी आइडिया सिरे से ठुकरा दिए। यह उसी क्षण था जब एरिक ने तय किया कि अगर उनका सपना स्वीकार नहीं हो रहा तो वे इसे खुद पूरा करेंगे।
2011 में उन्होंने Saasbee नाम से अपनी कंपनी शुरू की, जिसे बाद में Zoom Video Communications नाम मिला। एरिक का मकसद साफ था—वीडियो संचार को इतना आसान, साफ और भरोसेमंद बनाना कि हर कोई इसका इस्तेमाल कर सके। उनकी मेहनत रंग लाई। 2019 में Zoom का IPO हुआ और कुछ ही समय में कंपनी का मूल्य 9 बिलियन डॉलर तक पहुँच गया। यह सिर्फ शुरुआत थी।
फिर आया कोविड-19 का दौर—और Zoom दुनिया का अभिन्न हिस्सा बन गया। दो महीनों में ही वेब कॉन्फ्रेंसिंग की मांग 418% बढ़ गई। ऑफिस की मीटिंग्स, स्कूल की क्लासेज़, पारिवारिक बातचीत—हर जगह Zoom का ही नाम था। यह सिर्फ एक ऐप नहीं रहा, बल्कि वैश्विक संचार का प्रतीक बन गया।
आज Zoom का मार्केट कैप 23.5 बिलियन डॉलर है। एरिक युआन का कहना है कि कंपनी अब AI के जरिए डिजिटल कम्युनिकेशन के अगले युग को परिभाषित करेगी—चाहे वह यूनिफाइड कम्युनिकेशन हो या कस्टमर एक्सपीरियंस।
एक प्रेम कहानी से शुरू हुआ यह सफर आज दुनिया भर के लोगों को जोड़ने वाला पुल बन चुका है। एरिक के सपने ने न सिर्फ तकनीक बदल दी, बल्कि यह भी साबित किया कि एक निजी प्रेरणा कैसे वैश्विक नवाचार में बदल सकती है।