बाइक चलाते समय हम अक्सर हेलमेट, ब्रेक और इंडिकेटर पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन एक जरूरी चीज को नजरअंदाज कर देते हैं—रियर व्यू मिरर। यह छोटा सा शीशा आपकी अतिरिक्त आंखों की तरह काम करता है। अगर यह सही ढंग से सेट हो, तो दुर्घटना की संभावना काफी कम हो जाती है। आज हम आपको आसान शब्दों में बताएंगे कि बाइक या स्कूटर का रियर व्यू मिरर कैसे सही तरीके से एडजस्ट करें, ताकि हर राइड और भी सुरक्षित बने।
1. सही पोजीशन में बैठकर करें शुरुआत
मिरर सेट करने से पहले उसी पोजीशन में बैठें, जिसमें आप आमतौर पर बाइक चलाते हैं। झुककर, खड़े होकर या गलत एंगल से मिरर एडजस्ट करने पर सही व्यू नहीं मिल पाता और बाद में परेशानी होती है।
2. पहले मिरर को अंदर की ओर घुमाएं
मिरर को धीरे-धीरे अंदर की ओर मोड़ें। इसे तब तक एडजस्ट करें, जब तक मिरर के किनारे पर आपकी कोहनी या कंधे का थोड़ा सा हिस्सा दिखाई न देने लगे। इससे पता चलता है कि मिरर सही दिशा में जा रहा है।
3. अब मिरर को बाहर की ओर सेट करें
जैसे ही कोहनी या कंधा दिखने लगे, मिरर को धीरे-धीरे बाहर की ओर घुमाएं। इसे तब तक सेट करें, जब तक आपकी कोहनी पूरी तरह नजर आना बंद न हो जाए। इस पोजिशन में पीछे की सड़क और साइड का एरिया साफ दिखने लगता है और ब्लाइंड स्पॉट काफी कम हो जाता है।
4. ब्लाइंड स्पॉट कम होने का फायदा
सही सेट मिरर की मदद से पीछे आने वाला वाहन पहले मिरर में दिखाई देता है और बाद में आपकी सीधी नजरों के सामने आता है। इससे आप ओवरटेक करते समय पहले से सतर्क रह पाते हैं।
5. पीछे की लेन का स्पष्ट दृश्य
सही एंगल पर लगे मिरर से सिर्फ बाइक का हिस्सा ही नहीं, बल्कि आपके पीछे की पूरी लेन साफ नजर आती है। इससे लेन बदलने या मोड़ लेते समय ज्यादा भरोसेमंद जानकारी मिलती है।
6. इन गलतियों से बचें
खड़े होकर या झुककर कभी मिरर सेट न करें। हमेशा सीट पर बैठकर ही सही एंगल सेट करें। समय-समय पर यह चेक करें कि मिरर ढीला तो नहीं हो गया है। राइडिंग के दौरान नियमित रूप से मिरर देखते रहें, लेन बदलते समय हमेशा इंडिकेटर का इस्तेमाल करें और गति नियंत्रित रखें। छोटी-सी सावधानी भी बड़े हादसे से बचा सकती है।