Vehicles Insurance: क्या होता है थर्ड पार्टी इंश्योरेंस? ऐसे बना वाहन मालिकों का आर्थिक सुरक्षा कवच

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देश में कारों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन बीमा को सही तरह से समझने वाले लोग अभी भी कम हैं। ज्यादातर लोग केवल चालान से बचने के लिए बीमा करवाते हैं, जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि कार बीमा वास्तव में आपकी आर्थिक सुरक्षा ढाल है। थर्ड पार्टी इंश्योरेंस भारत में हर वाहन के लिए कानूनी रूप से अनिवार्य है और यह दुर्घटना में तीसरे व्यक्ति को हुए नुकसान की भरपाई करता है।

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस उस स्थिति में काम आता है जब आपकी गाड़ी से किसी दूसरे व्यक्ति, उसकी गाड़ी या संपत्ति को नुकसान पहुंचे। ऐसे मामलों में खर्च बीमा कंपनी वहन करती है। हालांकि यह पॉलिसी आपकी अपनी कार की मरम्मत का खर्च नहीं उठाती। इसलिए इसे ‘लायबिलिटी ओनली पॉलिसी’ भी कहा जाता है।

बीमा कंपनी को तुरंत जानकारी देना जरूरी

विशेषज्ञों के अनुसार हादसे के समय तुरंत बीमा कंपनी को जानकारी देना जरूरी है। घटना की तस्वीरें लेना, समय और स्थान नोट करना, गवाहों की जानकारी रखना और जरूरत पड़ने पर FIR दर्ज कराना क्लेम की प्रक्रिया को आसान बनाता है। इंश्योरेंस में तीन पार्टियां होती हैं—पहली पार्टी बीमा लेने वाला, दूसरी पार्टी बीमा कंपनी और तीसरी पार्टी वह व्यक्ति जिसे नुकसान हुआ है।

कुछ स्थितियों में थर्ड पार्टी क्लेम नहीं मिलता। यदि ड्राइवर शराब के नशे में हो, उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस न हो, हादसा जानबूझकर कराया गया हो या वाहन किसी अवैध काम में इस्तेमाल किया गया हो, तो बीमा कंपनी क्लेम को खारिज कर सकती है। इसके अलावा, चोरी की स्थिति में भी थर्ड पार्टी बीमा कोई मुआवजा नहीं देता।

ऐड-ऑन कवर भी लेना चाहिए

बीमा सेक्टर से जुड़े जानकारों का कहना है कि अपनी कार को पूरी सुरक्षा देना हो तो थर्ड पार्टी पॉलिसी के साथ ऐड-ऑन कवर लेना चाहिए। इनमें जीरो डेप्रिसिएशन, इंजन प्रोटेक्टर, रोडसाइड असिस्टेंस, कंज्यूमेबल कवर और की रिप्लेसमेंट कवर शामिल हैं। थोड़े अतिरिक्त प्रीमियम पर ये कवर कार को दुर्घटना और तकनीकी खराबी से पूरी तरह सुरक्षित बनाते हैं।

जानें, थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के नियम

नई कारों के लिए 3 साल और नई बाइकों के लिए 5 साल का थर्ड पार्टी कवर अनिवार्य किया गया है। बीमा कंपनियों का कहना है कि सही पॉलिसी का चुनाव समय रहते करना जरूरी है, ताकि हादसे के बाद आर्थिक बोझ से बचा जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि बीमा को केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि सुरक्षा निवेश के रूप में देखा जाना चाहिए।

कुल मिलाकर, कार बीमा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है, क्योंकि सड़क पर एक छोटी गलती लाखों रुपये का नुकसान करवा सकती है। सही बीमा पॉलिसी ही इससे बचाव का सबसे मजबूत तरीका है।

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