बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मंगलवार, 3 दिसंबर की सुबह यात्रियों को भारी अफरातफरी का सामना करना पड़ा, जब इंडिगो की कुल 42 उड़ानें अचानक रद्द कर दी गईं। इनमें 22 आगमन और 20 प्रस्थान करने वाली फ्लाइट्स शामिल थीं। एयरपोर्ट पर यात्रियों की कतारें बढ़ती गईं, लोग अपनी बुकिंग और अगले विकल्प को लेकर परेशान दिखे। एयरलाइन की ओर से कारण बताया गया—“ऑपरेशनल समस्याएं।” ठीक एक दिन पहले, 2 दिसंबर को भी इंडिगो की 20 उड़ानें इसी तरह रद्द कर दी गई थीं, जिससे साफ हो गया कि समस्या एक दिन की नहीं, बल्कि लगातार जारी है।
बीते कुछ दिनों से इंडिगो कई परिचालन बाधाओं से जूझ रही है। कहीं तकनीकी खराबी, कहीं एयरपोर्ट की ज्यादा भीड़ और कहीं क्रू की उपलब्धता की समस्याओं ने उड़ानों को प्रभावित किया है। नतीजा यह कि बड़ी संख्या में फ्लाइट्स देरी से चल रही हैं और कई पूर्ण रूप से रद्द हो रही हैं। कंपनी का कहना है कि उनकी टीमें 24 घंटे काम कर रहीं हैं ताकि स्थिति सामान्य की जा सके। जिन यात्रियों की उड़ान रद्द हुई है, उन्हें दूसरी फ्लाइट्स में शिफ्ट किया जा रहा है या पूरा पैसा वापस किया जा रहा है। देरी से चलने वाली उड़ानों के यात्रियों को भी हर संभव सहायता दी जा रही है।
इंडिगो ने यात्रियों से एक खास अपील भी की है—घर से एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी फ्लाइट की ताजा जानकारी जरूर चेक कर लें। इससे यात्रियों का समय बचेगा, अनावश्यक भीड़ भी कम होगी और एयरपोर्ट का संचालन सुचारू रहेगा। एयरलाइन ने यह आश्वासन दिया है कि वह जल्द ही अपनी सेवाओं को फिर से सामान्य, समयबद्ध और परेशानी-मुक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है। लगभग 400 विमानों के बेड़े और रोज़ाना 2300 उड़ानें संचालित करने वाली इंडिगो भारत के 90 से अधिक शहरों और 45 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों को जोड़ती है, इसलिए इसके परिचालन में आई यह बाधा यात्रियों की बड़ी संख्या को प्रभावित कर रही है।
फिलहाल, यात्रियों को यही सलाह दी जा रही है कि यात्रा से पहले अपडेट लें, वैकल्पिक विकल्पों की जानकारी रखें और एयरलाइन की ओर से जारी निर्देशों पर ध्यान दें। जब तक इंडिगो अपनी व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त नहीं कर लेती, उड़ानें कब सामान्य होंगी—यही बड़ा सवाल बना हुआ है।