गुरुवार, 4 दिसंबर के शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार ने हल्की बढ़त के साथ सकारात्मक शुरुआत की। सेंसेक्स लगभग 100 अंक चढ़कर 85,200 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 40 अंकों की तेजी के साथ 26,020 पर कारोबार कर रहा है। सेंसेक्स के 30 में से 20 शेयर हरे निशान में हैं, वहीं निफ्टी के 50 में से 33 शेयरों में मजबूती देखने को मिली। बाजार में आज ऑटो, IT और मेटल सेक्टर ने बढ़त की अगुवाई की है, जबकि मीडिया और फार्मा सेक्टर पर हल्का दबाव नज़र आया।
वैश्विक संकेतों की बात करें तो एशियाई बाजारों का रुख मिला-जुला रहा। कोरिया का कोस्पी 1.15% लुढ़ककर 3,990 पर पहुंच गया। इसके उलट जापान का निक्केई मजबूत तेजी के साथ 1.47% चढ़कर 50,596 पर कारोबार कर रहा है। हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग भी 0.41% की बढ़त के साथ 25,867 पर ट्रेड कर रहा है। अमेरिकी बाजारों से भी सकारात्मक संकेत मिले—डाउ जोन्स 0.86% उछलकर 47,882 पर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक और S&P 500 ने भी मामूली तेजी के साथ ट्रेडिंग सेशन खत्म किया।
घरेलू बाजार में निवेशकों के उत्साह का एक कारण मीशो का IPO भी है, जो पहले ही दिन 2.35 गुना सब्सक्राइब हो गया। इसका रिटेल पोर्शन मात्र एक घंटे में 100% भर गया, जिससे निवेशकों की बड़ी दिलचस्पी साफ दिखती है। आज सब्सक्रिप्शन का दूसरा दिन है और रुझान अभी भी सकारात्मक रहने की उम्मीद है।
दूसरी ओर विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी है। सिर्फ 3 दिसंबर को FIIs ने 3,206 करोड़ रुपये के शेयर बाजार से निकाले, जबकि DIIs ने 4,730 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार में स्थिरता बनाए रखी। दिसंबर के पहले तीन दिनों में FIIs कुल 8,020 करोड़ रुपये के शेयर बेच चुके हैं, वहीं DIIs लगभग 11,935 करोड़ रुपये की भारी खरीद के साथ बाजार को संभाल रहे हैं। नवंबर में भी यही रुझान देखा गया था—जहां FII की बिकवाली के बावजूद DII की मजबूत पकड़ ने बाजार को सहारा दिया।
कल के कारोबार में बाजार थोड़ा कमजोर दिखा था। 3 दिसंबर को सेंसेक्स 31 अंक गिरकर 85,107 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 46 अंकों की गिरावट के साथ 25,986 पर बंद हुआ। उस समय ऑटो, एनर्जी और FMCG पर दबाव था, जबकि IT और बैंकिंग सेक्टर ने नुकसान को सीमित किया।
आज की शुरुआती बढ़त बताती है कि घरेलू निवेशकों की मजबूत खरीद और वैश्विक संकेतों के मिश्रित माहौल के बावजूद बाजार में विश्वास बना हुआ है। निवेशकों की निगाहें अब मीशो IPO के आगे के रुझान और ग्लोबल मार्केट की चाल पर टिकी हैं।