4 दिसंबर के व्यापार में सोने और चांदी के दामों में नरमी देखने को मिली है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक 10 ग्राम सोना आज 459 रुपए टूटकर 1,27,755 रुपए पर पहुंच गया, जबकि पिछले सत्र में यह 1,28,214 रुपए पर था। इसी तरह चांदी भी 2,477 रुपए फिसलकर 1,75,713 रुपए प्रति किलो पर आ गई है, जो पहले 1,78,190 रुपए थी। यह गिरावट हालांकि दिन भर की कीमतों में दिख रही है, लेकिन सालभर के रुझान बताते हैं कि सोना-चांदी अब भी ऐतिहासिक ऊंचाइयों के आसपास कारोबार कर रहे हैं।
अलग-अलग शहरों में सोने के दामों में फर्क होना सामान्य है, क्योंकि IBJA की कीमतों में 3% GST, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स का मार्जिन शामिल नहीं होता। इन्हीं कारणों से भारत के अलग-अलग शहरों में रेट्स अलग-अलग नज़र आते हैं। कई बैंक, विशेषकर पंजाब नेशनल बैंक जैसे बड़े संस्थान, गोल्ड लोन के रेट तय करने के लिए IBJA की इन बेसिक कीमतों का इस्तेमाल करते हैं।
इस साल सोने और चांदी की रफ्तार चौंकाती है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम शुद्ध सोना 76,162 रुपए का था, जो अब बढ़कर 1,27,755 रुपए पर आ गया है—यानी करीब 51,593 रुपए की छलांग। चांदी की मजबूती भी कम नहीं रही। एक साल पहले 86,017 रुपए किलो रही चांदी अब दोगुने के करीब पहुंचकर 1,75,713 रुपए पर ट्रेड कर रही है। चांदी में सालभर का उछाल लगभग 89,696 रुपए का है, जो कीमतों की शानदार तेजी को दर्शाता है।
सोने में इस लगातार तेजी के पीछे तीन बड़े कारण छिपे हैं। पहला, दुनिया के बड़े केंद्रीय बैंक डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए अपने रिज़र्व में सोने का हिस्सा बढ़ा रहे हैं। यह भारी खरीद सोने की मांग को स्थिर रखती है और कीमतों को ऊपर ले जाती है। दूसरा कारण है निवेशकों का क्रिप्टो और शेयर बाजार से निकलकर स्थिर एसेट सोने की ओर रुख करना। क्रिप्टो में अस्थिरता, नियामकीय सख्ती और शेयर बाजार में कम रिटर्न ने निवेशकों को गोल्ड ETF और फिजिकल गोल्ड की ओर बढ़ाया है। साथ ही शादी के सीजन ने भी सोने की मांग को और मजबूत किया है। तीसरा, सोना लंबे समय तक टिकाऊ और सुरक्षित एसेट माना जाता है—महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता के दौर में यह अपनी कीमत बनाए रखता है, इसलिए निवेशक इसे दीर्घकालिक सुरक्षा के रूप में देखते हैं।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले महीनों में सोना और ऊपर जा सकता है। केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव बाजार को लगातार प्रभावित कर रहा है और ऐसे माहौल में गोल्ड को मजबूत सपोर्ट मिलता है। इसी वजह से वे अनुमान लगाते हैं कि यह साल खत्म होते-होते सोना 1 लाख 35 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है।
आज भले ही सोने-चांदी के दामों में हल्की गिरावट दिखी हो, लेकिन समग्र रुझान बताता है कि कीमती धातुओं की यह रैली अभी धीमी नहीं पड़ने वाली।