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रिबन पकोड़ा: कुरकुरेपन से भरा साउथ इंडियन स्नैक, जिसे मिनटों में बनाया जा सकता है और दिनों तक रखा जा सकता है

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स्नैक्स की बात हो और कुछ कुरकुरा खाने का मन हो, तो रिबन पकोड़ा एकदम सही विकल्प माना जाता है। दक्षिण भारत का यह लोकप्रिय पारंपरिक स्नैक अपने स्वाद, टेक्सचर और आसान तैयारी के कारण हर घर में खूब पसंद किया जाता है। चाय के साथ हो, सफर में ले जाना हो या बच्चों के टिफिन में पैक करना—रिबन पकोड़ा हर मौके पर कमाल दिखाता है। त्योहारों के समय इसकी मांग और बढ़ जाती है क्योंकि इसे पहले से बनाकर लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है।

इसकी खासियत यह है कि यह बेसन और चावल के आटे के मिश्रण से बनता है, जिससे इसकी रिबन जैसी लंबी और पतली आकृति बनती है। इसका क्रिस्पी टेक्सचर और मसालेदार स्वाद इसे बाकी स्नैक्स से बिल्कुल अलग बनाता है।

रिबन पकोड़ा के लिए सामग्री
इसके लिए बेसन और चावल का आटा बराबर मात्रा में लिया जाता है। फिर इसमें लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, काली मिर्च, तिल, हींग, नमक और थोड़ा-सा मक्खन मिलाया जाता है। ये सारे मसाले मिलकर पकोड़े को उसका खास फ्लेवर देते हैं।

कैसे तैयार होता है रिबन पकोड़ा?
सबसे पहले एक बड़े बाउल में बेसन और चावल का आटा मिलाया जाता है। फिर मसाले और मक्खन डालकर थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाते हुए आटे को न बहुत सख्त और न बहुत ढीला, मध्यम कंसिस्टेंसी में गूंथा जाता है। यही आटा बाद में स्नैक प्रेस मशीन में भरा जाता है, जिसमें रिबन जैसी पट्टियाँ बनाने वाली जाली लगी होती है।

कढ़ाही में तेल गर्म होने पर मशीन को हल्के हाथ से दबाते हुए आटे की लंबी, पतली स्ट्रिप्स गरम तेल में छोड़ी जाती हैं। मीडियम आंच पर ये स्ट्रिप्स धीरे-धीरे गोल्डन ब्राउन होती जाती हैं और पूरी तरह कुरकुरी बनकर तैयार होती हैं। इन्हें दोनों तरफ से अच्छी तरह सेकने के बाद निकालकर टिश्यू पेपर पर रखा जाता है ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए।

जब रिबन पकोड़ा पूरी तरह ठंडा हो जाए, तब इसे एयरटाइट डिब्बे में भरकर रखा जा सकता है। 10–15 दिनों तक यह क्रिस्पी बना रहता है और हर बार खाने में उतना ही स्वादिष्ट लगता है जितना पहले दिन।

रिबन पकोड़ा न सिर्फ जल्दी बन जाता है, बल्कि यह आपके स्नैक्स काउंटर को बेहद आकर्षक भी बनाता है। कुरकुरा, मसालेदार और स्टोर-फ्रेंडली—यह स्नैक हर घर की रसोई में जरूर आजमाया जाना चाहिए।

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