जगदलपुर रेलवे स्टेशन इन दिनों बड़े बदलावों से गुजर रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत यहाँ सुविधाओं का विस्तार तेज़ी से चल रहा है, और इसी के साथ दोहरीकरण का काम भी अपने अंतिम चरण में पहुँच चुका है। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, क्षेत्र में यात्री ट्रेनों की संख्या और उनकी उपलब्धता दोनों बढ़ जाएँगी। स्टेशन यार्ड में कोचिंग ट्रेनों के रखरखाव के लिए नया कोचिंग डिपो भी बनने जा रहा है, जिससे कोच मेंटेनेंस स्थानीय स्तर पर ही आसानी से हो सकेगा और आने वाले समय में नई ट्रेन सेवाओं के विस्तार का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
विशाखापत्तनम रेल मंडल के एसीएम वर्मा पिछले तीन दिनों से जगदलपुर और आसपास के स्टेशनों का निरीक्षण कर रहे हैं। उनके इस दौरे को नई यात्री सेवाओं के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि रायगड़ा तक चलने वाली कई यात्री गाड़ियों को भविष्य में जगदलपुर तक बढ़ाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। यह फैसला स्थानीय यात्रियों को बड़ा लाभ दे सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
स्टेशन की संरचना में हो रहा व्यापक परिवर्तन इसे आने वाले समय में एक आधुनिक और सुविधाओं से लैस रेलवे हब में बदल देगा। विस्तारित स्टेशन भवन, एस्केलेटर, लिफ्ट, पार्किंग क्षेत्र और 12 मीटर चौड़ा आरओबी यात्रियों को महानगरों जैसा अनुभव देने की तैयारी में हैं। किरंदुल–कोत्तवालसा (केके लाइन) दोहरीकरण का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, और कोरापुट–रायगड़ा (केआर लाइन) में 80 प्रतिशत काम भी अंतिम दौर में है। दोनों लाइनों के पूरा होते ही जगदलपुर से विभिन्न दिशाओं में ट्रेन संचालित करने की क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।
अमृत भारत स्टेशन के रूप में विकसित हो रहा जगदलपुर रेलवे स्टेशन, अब सिर्फ एक स्टेशन नहीं, बल्कि एक उभरते हुए प्रमुख जंक्शन की तरह आकार ले रहा है। स्टेशन यार्ड में बनने वाले कोचिंग डिपो और पिट लाइन की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने वाली है। पूर्व डीआरएम अनूप सतपथी और प्रसाद पहले ही इसकी पुष्टि कर चुके हैं। इससे न सिर्फ यहां ट्रेनों का रखरखाव आसान होगा, बल्कि भविष्य में नई ट्रेनों की संभावनाएँ और भी मजबूत होंगी।
इधर, jagdalpur से संबंधित नई रेल सेवाओं और कनेक्टिविटी को लेकर राजनीति स्तर पर भी प्रयास जारी हैं। स्थानीय सांसद ने पहले भी रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को कई मांगों के साथ पत्र लिखा था। अब दिल्ली में चल रहे शीतकालीन सत्र के दौरान वे पुनः मुलाकात कर इन प्रस्तावों को मजबूत तरीके से रखने वाले हैं। इसमें प्रमुख माँगें—हज़रत निज़ामुद्दीन–जगदलपुर के बीच साप्ताहिक अमृत भारत एक्सप्रेस का नए रैक वर्ज़न 3.0 के साथ संचालन, राउरकेला–जगदलपुर एक्सप्रेस (18107/18108) को हटिया तक बढ़ाया जाना और कोचिंग डिपो के बाद संबलपुर–जम्मू तवी एक्सप्रेस (18309/18310) का विस्तार जगदलपुर तक—शामिल हैं।
जगदलपुर रेलवे स्टेशन जिस तेजी से विकसित हो रहा है, वह आने वाले वर्षों में इसे एक महत्त्वपूर्ण रेल जंक्शन में बदल देगा। स्थानीय यात्रियों के लिए यह बदलाव केवल सुविधाओं में सुधार नहीं, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास का नया दरवाज़ा खोलने जैसा है।