सरगुजा ज़िले के बतौली थाना क्षेत्र के ग्राम करदना में शुक्रवार सुबह एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिसने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया। सुबह के शांत माहौल को एक चीख ने चीर दिया, जब 28 वर्षीय इस्माइल तिग्गा झूलते बिजली तार की चपेट में आकर मौके पर ही मौत के मुंह में समा गए। यह घटना जितनी अचानक थी, उतनी ही भयावह भी, और अब इस्माइल के घर में मातम का सन्नाटा पसरा है।
उसे सुबह करीब पांच बजे शौच के लिए घर के पीछे बने शौचालय जाना था, लेकिन वहीं एक गलती, एक अनदेखा खतरा, उसकी ज़िंदगी को हमेशा के लिए खत्म कर देने वाला साबित हुआ। शौचालय के पास धान मिसाई के लिए बनाया गया खनिहाल था, जहां रोशनी के लिए घर से खींचकर एक बिजली कनेक्शन लगाया गया था। तेज़ हवा में तार लगातार हिल रहा था और कटा होने के कारण नीचे लटक आया था। धुंधली रोशनी और जल्दी-जल्दी में इस्माइल को अंदाज़ा भी नहीं हुआ कि सामने मौत खड़ी है। जैसे ही वह तार के संपर्क में आए, करंट ने उन्हें जकड़ लिया और कुछ ही पलों में उनकी सांसें थम गईं।
परिवार को इस घटना का ज़रा भी अंदेशा नहीं था। सुबह करीब छह बजे इस्माइल के पिता मंगल तिग्गा बाहर निकले। अंधेरा और कमज़ोर नज़र—उन्हें जमीन पर पड़ा बेटा दिखाई नहीं दिया और जैसे ही वे उसके शव से टकराए, करंट ने उन्हें भी झटका देकर दूर फेंक दिया। कुछ देर तक उन्हें समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ है। उनके चिल्लाने की आवाज़ सुनकर घरवाले दौड़े और सामने का दृश्य देखकर स्तब्ध रह गए—ज़मीन पर पड़े इस्माइल और हादसे से चोटिल पिता, दोनों एक ही अनजानी त्रासदी की मार झेल रहे थे।
सबसे बड़ा दर्द उन छोटे-से नवजात के हिस्से आया है, जिसके जन्म के कुछ ही दिनों बाद पिता की छाया उससे छिन गई। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में हर कोई यह सोचकर विचलित है कि एक युवा, मेहनती और शांत स्वभाव का आदमी इतनी मामूली सी चूक से जिंदगी हार सकता है। हादसे के बाद गांव में गम और खामोशी का माहौल है।
सूचना मिलते ही बतौली थाना से एएसआई नारायण सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा और पूरी घटना की जांच शुरू कर दी है। बिजली तार के कटे होने, सुरक्षा इंतज़ामों और जिम्मेदारियों को लेकर भी पुलिस तथ्य जुटा रही है।
ग्राम करदना में हुई यह घटना फिर एक बार याद दिलाती है कि लापरवाही और अधूरे बिजली कनेक्शन कितनी बड़ी त्रासदियों को जन्म दे सकते हैं। एक परिवार का भविष्य एक झटके में बदल गया, और गांव अभी भी उस सुबह के सन्नाटे और चीखों के बीच फँसा हुआ है।