दोहा में चल रहे ISSF World Cup Final में भारतीय निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का मान बढ़ाया है। रविवार को हुए मुकाबलों में भारत के खाते में तीन बड़े मेडल आए, जिनमें सबसे बड़ी उपलब्धि रही युवा शूटर Simranpreet Kaur का गोल्ड मेडल। सिमरनप्रीत ने महिलाओं के 25 मीटर पिस्टल इवेंट में 41 में से 50 का बेहतरीन स्कोर कर न सिर्फ स्वर्ण पदक जीता, बल्कि जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड की भी बराबरी कर डाली। यह उनके करियर का पहला वर्ल्ड कप फाइनल मेडल है, जिसने उन्हें रातोंरात देश की नई शूटिंग स्टार बना दिया है।
महज 21 साल की उम्र में सिमरनप्रीत का यह प्रदर्शन ऐतिहासिक माना जा रहा है। उनके स्कोर ने रिपब्लिक ऑफ कोरिया की पेरिस ओलिंपिक चैंपियन यांग जी-इन के जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। दिलचस्प बात यह रही कि यांग इस मुकाबले में चौथे स्थान पर रहीं। चीन की याओ कियानशुन को सिल्वर जबकि जर्मनी की डोरीन वेनकैंप को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। सिमरनप्रीत की इस जीत से भारत का झंडा फाइनल स्टेज पर गर्व के साथ लहराया।
इस इवेंट में भारत को हालांकि एक झटका भी लगा, जब ओलिंपिक मेडलिस्ट Manu Bhaker क्वालिफिकेशन राउंड में नौवें स्थान पर रहकर फाइनल में जगह नहीं बना पाईं। इससे पहले वह 10 मीटर एयर पिस्टल के फाइनल में भी पांचवें स्थान पर रह चुकी थीं। इसके बावजूद भारतीय फैंस के लिए राहत की बात यह रही कि बाकी इवेंट्स में देश के निशानेबाजों ने शानदार वापसी की।
पुरुषों के 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन इवेंट में Aishwary Pratap Singh Tomar ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। यह उनके करियर का पहला वर्ल्ड कप फाइनल मेडल है। ऐश्वर्य 414.2 के नए वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीतने वाले चेक शूटर जीरी प्रिवरात्स्की से महज 0.9 अंक पीछे रह गए। वहीं चीन के पेरिस ओलिंपिक चैंपियन लियू युकुन को ब्रॉन्ज मेडल मिला।
भारत के लिए तीसरी बड़ी खुशी 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल इवेंट में Anish Bhanwala के सिल्वर मेडल के रूप में सामने आई। अनीश ने फाइनल में 31 हिट लगाए और चीन के मौजूदा ओलिंपिक चैंपियन ली युएहोंग से केवल दो हिट पीछे रह गए। यह अनीश का वर्ल्ड कप फाइनल में दूसरा मेडल है। इससे पहले उन्होंने दो साल पहले इसी वेन्यू पर ब्रॉन्ज जीता था। फ्रांस के क्लेमेंट बेसागुए को इस इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल मिला।
इन तीन पदकों के साथ भारत के खाते में अब कुल छह मेडल हो चुके हैं और पॉइंट टेबल में भारत दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। भारत ने अब तक इस टूर्नामेंट में दो गोल्ड, तीन सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया है। मेडल टेबल में चीन आठ पदकों के साथ शीर्ष पर बना हुआ है, जबकि चेक रिपब्लिक एक गोल्ड के साथ तीसरे स्थान पर है। भारतीय शूटिंग टीम का यह प्रदर्शन आने वाले ओलिंपिक और वर्ल्ड इवेंट्स के लिए बेहद सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
ISSF वर्ल्ड कप फाइनल का फॉर्मेट भी बेहद कड़ा और चयन प्रक्रिया काफी कठिन होती है। इसमें कुल दस शूटरों को ही जगह मिलती है, जिनमें डिफेंडिंग चैंपियन को सीधा प्रवेश मिलता है। इसके अलावा चार वर्ल्ड कप स्टेज के विजेता, वर्ल्ड कप रैंकिंग के आधार पर चुने गए दो शूटर और वर्ल्ड चैंपियनशिप के तीन मेडलिस्ट इस फाइनल में क्वालिफाई करते हैं। टूर्नामेंट में कुल 12 इंडिविजुअल ओलिंपिक इवेंट्स खेले जाते हैं, जिनमें राइफल, पिस्टल और शॉटगन शामिल हैं।
कुल मिलाकर, दोहा में भारतीय निशानेबाजों ने जिस तरह से दमदार प्रदर्शन किया है, उसने देश के खेल प्रेमियों को गर्व से भर दिया है और आने वाले अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए उम्मीदें और भी मजबूत कर दी हैं।