लगातार कई दिनों तक उड़ान व्यवधानों से जूझने के बाद अब IndiGo ने अपने नेटवर्क को पूरी तरह सामान्य करने का दावा किया है। एयरलाइन के अनुसार शनिवार को उसने 1800 से अधिक उड़ानों का संचालन किया, जो एक दिन पहले की तुलना में करीब 150 उड़ान ज्यादा रहा। ऑपरेशन सुधरने के साथ इंडिगो की ऑन-टाइम परफॉर्मेंस में भी बड़ा सुधार देखने को मिला है, जो बढ़कर 91 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि इससे एक दिन पहले यह आंकड़ा लगभग 75 प्रतिशत पर था।
एयरलाइन ने बताया कि जिन उड़ानों को रद्द किया जा रहा है, उनकी सूचना यात्रियों को पहले ही दी जा रही है ताकि उन्हें कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े। यात्रियों की शिकायतों और सहायता से जुड़े अनुरोधों के त्वरित समाधान के लिए कंपनी ने अपनी आंतरिक प्रक्रियाओं को और तेज किया है, जिससे ग्राउंड लेवल पर हालात जल्द सामान्य हो सकें।
रिफंड को लेकर भी एयरलाइन ने बड़ा अपडेट दिया है। इंडिगो के मुताबिक अब तक कुल 827 करोड़ रुपये का रिफंड प्रोसेस किया जा चुका है और 15 दिसंबर तक रद्द उड़ानों से जुड़े सभी शेष रिफंड भी पूरे कर दिए जाएंगे। इस दौरान फंसे यात्रियों के ठहरने और आवागमन के लिए 9,500 से ज्यादा होटल के कमरे, लगभग 10,000 कैब और बसों की व्यवस्था की गई। वहीं, करीब 4,500 से अधिक यात्रियों तक उनका फंसा हुआ लगेज पहुंचाया जा चुका है और बाकी बैग अगले 36 घंटों के भीतर सौंपे जाने की उम्मीद जताई गई है।
एयरलाइन का कहना है कि वह रोजाना दो लाख से अधिक यात्रियों को किसी न किसी तरह की सहायता मुहैया करा रही है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे एयरपोर्ट के लिए रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति इंडिगो की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जरूर जांच लें, ताकि किसी तरह की असुविधा से बचा जा सके।
इंडिगो ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी उड़ानों का संचालन DGCA और तय सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही किया जा रहा है। कंपनी ने बताया कि वह पिछले बीस वर्षों से इसी अनुशासन और सुरक्षा प्रक्रिया के तहत काम कर रही है। हालिया अव्यवस्था को लेकर एयरलाइन ने यात्रियों से खेद जताया और कहा कि यात्रियों व भागीदारों के सहयोग से अब हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं और नेटवर्क लगभग पूरी तरह पटरी पर लौट चुका है।