रायपुर के कारोबारी दीपक टंडन द्वारा दंतेवाड़ा की DSP कल्पना वर्मा पर लगाए गए गंभीर आरोपों ने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी है। टंडन का दावा है कि DSP ने पहले उन्हें प्यार के जाल में फंसाया, फिर शादी का वादा कर उनसे करोड़ों रुपये, महंगी गाड़ियों और कीमती गहनों के नाम पर ठगी की। वहीं DSP कल्पना वर्मा ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि प्रचारित किए जा रहे चैट्स फर्जी हैं, जो उनकी सोशल मीडिया तस्वीरों का गलत इस्तेमाल कर तैयार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि वे इस पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर चुकी हैं।
कल्पना वर्मा ने साफ कहा कि टंडन लगातार उन्हें कोर्ट में दर्ज मामले को वापस लेने के लिए दबाव बना रहा था। जब यह दबाव काम नहीं आया, तो उसने मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म पर गलत तस्वीरें और झूठी चैट्स वायरल कर दीं। कल्पना का कहना है कि टंडन पर उनके पिता का 42 लाख रुपये से अधिक बकाया है, जिसकी एवज में तीन चेक दिए गए थे। उसी रकम को लेकर दोनों के बीच लेन-देन का विवाद शुरू हुआ, और यही मामला अब एक बड़े विवाद का रूप ले चुका है।
दूसरी ओर व्यापारी दीपक टंडन अपनी कहानी कुछ और बताते हैं। उनका दावा है कि कल्पना वर्मा ने उन्हें सुनियोजित तरीके से फंसाया। टंडन के अनुसार 2021 से 2025 तक वे कल्पना के बेहद करीब रहे और इस दौरान उन्होंने कल्पना को कैश में लगभग 2 करोड़ रुपये दिए, साथ ही एक हीरे की अंगूठी, एक सोने की चेन, टॉप्स और एक इनोवा क्रिस्टा कार भी। उनका कहना है कि DSP ने प्रलोभन और भावनात्मक दबाव के तहत उनसे यह सब लिया और बाद में इनकार कर दिया।
पुलिस को दिए गए बयान में टंडन ने अपने आरोपों को मजबूत करने के लिए वॉट्सऐप चैट्स, CCTV फुटेज और अन्य दस्तावेज भी सौंपे हैं। उनका कहना है कि जब उन्होंने पैसे और गहने वापस मांगने शुरू किए, तब उन्हें धमकी मिलनी लगी कि वे शिकायत वापस लें, वरना उन्हें फर्जी मामलों में फंसा दिया जाएगा। वहीं कल्पना वर्मा यह कहती हैं कि पूरा मामला सिर्फ एक बकाया राशि से जुड़ा है, जिसे टंडन लौटाना नहीं चाहता, और इसी वजह से उसने मीडिया का सहारा लिया।
दोनों की दोस्ती कैसे बढ़ी, इसकी कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। 2021 में जब कल्पना महासमुंद में पदस्थ थीं, तब एक साझा मित्र के जरिए उनकी मुलाकात टंडन से हुई। नंबर एक्सचेंज हुए, मुलाकातें शुरू हुईं और कुछ ही समय में दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। कल्पना का ट्रांसफर रायपुर के माना क्षेत्र में हुआ, तो मुलाकातें और बढ़ीं। टंडन की ओर से यह दोस्ती एक “अच्छे ओहदे वाली महिला तक पहुंच” समझी जा रही थी, वहीं कल्पना के दिमाग में बिजनेस में संभावनाएं तलाशने की सोच थी। धीरे-धीरे दोनों का घर आना-जाना शुरू हो गया और रिश्ते का दायरा निजी स्तर तक पहुंच गया।
इस दौरान कई आर्थिक लेन-देन हुए। टंडन ने VIP रोड स्थित एक होटल डील का जिक्र किया, जिसकी कीमत लगभग 45 लाख थी। टंडन ने डील फाइनल करने के लिए कल्पना के पिता के खाते में 30 लाख रुपये डाले। लेकिन डील आगे नहीं बढ़ी और जब टंडन ने पैसा वापस मांगा, तो उनके अनुसार कल्पना के परिवार ने राशि लौटाने से इनकार कर दिया। कुछ ही दिनों बाद चेक बाउंस का मामला भी टंडन की पत्नी के खिलाफ दर्ज करा दिया गया, जिसके बाद उन्हें लगा कि यह सब एक बड़ी साजिश का हिस्सा है।
टंडन का एक और दावा यह है कि कल्पना ने उनसे अपनी पत्नी को तलाक देने तक को कहा। उन्होंने बताया कि वे अक्सर होटल में बैठकर भविष्य की योजनाएं बनाते थे, साथ घूमने जाते थे, दंतेवाड़ा तक आते-जाते थे और इसी दौरान रिश्ते गहरे होते गए। टंडन कहते हैं कि इस रिश्ते ने उनकी वैवाहिक जिंदगी पर भी असर डाला और घर में तनाव और झगड़े बढ़ गए, लेकिन अब वे सिर्फ न्याय चाहते हैं—उन्हें अपनी कार, अपना पैसा और दिया गया सामान वापस चाहिए।
यह पूरा मामला अब पुलिस जांच के दायरे में है। फिलहाल किसी भी पक्ष पर FIR दर्ज नहीं हुई है, क्योंकि प्राथमिक जांच में पुलिस को यह मामला निजी लेन-देन और रिश्तों के टूटने से जुड़ा विवाद लगता है। DSP कल्पना वर्मा ने दैनिक भास्कर से हुई बातचीत में टंडन के सभी आरोपों को निराधार और पूर्वनियोजित साजिश बताया है।
इस विवाद में सामने आए CCTV फुटेज, चैट्स, उपहारों के दावे और सोशल मीडिया की तस्वीरों पर आधारित आरोपों ने पूरे प्रदेश का ध्यान खींच लिया है। अब देखने की बात यह है कि पुलिस की आगे की जांच इस विवाद को किस दिशा में मोड़ती है और आखिर दोनों पक्षों की दलीलों में सच्चाई किसके पास है।