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क्या गिल की जगह सैमसन को मौका मिलेगा? 16 पारियों से फिफ्टी नहीं, फिर भी ओपनिंग पोजिशन पर बरकरार—मुल्लांपुर में आज भारत–द. अफ्रीका दूसरा टी-20

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न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर स्टेडियम में आज इतिहास बनने जा रहा है। पहली बार यह नया स्टेडियम एक अंतरराष्ट्रीय मैच की मेजबानी करेगा, और इसी वजह से स्थानीय खिलाड़ियों की मौजूदगी ने फैंस का उत्साह दो गुना कर दिया है। अभिषेक शर्मा, शुभमन गिल और अर्शदीप सिंह जैसे नाम यहां होम सपोर्ट में खेलेंगे। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि शुभमन गिल आखिर कब अपनी पुरानी लय में नजर आएंगे।

गिल पिछले 16 टी-20 इंटरनेशनल पारियों में एक भी अर्धशतक नहीं लगा सके हैं। उन्होंने आखिरी फिफ्टी 13 जुलाई 2024 को जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में बनाई थी। लगातार फ्लॉप शो के चलते यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या अब टीम मैनेजमेंट सैमसन को ओपनिंग में मौका दे सकता है। सैमसन पिछले साल ओपनिंग करते हुए धमाकेदार प्रदर्शन कर चुके हैं और तीन शतक भी लगाए थे। इसके बाद भी उन्हें पूरे साल में सिर्फ पांच अवसर ही मिल पाए, जबकि गिल को 13 मैचों में लगातार मौका मिलता रहा। हालांकि, इस मैच में भारत अपने विजयी संयोजन को छेड़ने के मूड में नहीं दिख रहा, खासकर ठंडे मौसम वाले इस नए वेन्यू पर जहां टीम बैलेंस को स्थिर रखना सबसे जरूरी होगा।

अगर आंकड़ों की बात करें तो सैमसन कई मामलों में गिल से आगे दिखाई देते हैं। गिल ने 34 टी-20 मैचों में ओपनिंग करते हुए 29 के एवरेज और 140.63 के स्ट्राइक रेट से 841 रन बनाए, जिसमें एक शतक और तीन फिफ्टी शामिल हैं। जबकि सैमसन ने आधे मैच खेलकर ही 32.62 के एवरेज और 178.76 के स्ट्राइक रेट से 522 रन बना दिए, जिसमें तीन शतक और एक अर्धशतक शामिल हैं।

फिर भी गिल क्यों खेल रहे हैं? इसका कारण उनके नेतृत्व वाली भूमिका में छिपा है। गिल अब टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान हैं और टी-20 में उपकप्तान का दायित्व भी निभा रहे हैं। टीम मैनेजमेंट उन्हें भविष्य में टी-20 का कप्तान बनाने पर भी विचार कर रहा है। इस बड़ी तस्वीर को देखते हुए गिल को प्लेइंग इलेवन से बाहर करने का सवाल फिलहाल दूर ही लगता है।

इस मैच में कई बड़े रिकॉर्ड भी दांव पर हैं। हार्दिक पंड्या अपने 100वें टी-20 अंतरराष्ट्रीय विकेट से सिर्फ एक कदम दूर हैं। वह ऐसा करने वाले भारत के तीसरे गेंदबाज बन सकते हैं। अर्शदीप सिंह भी अपनी उपलब्धि के किनारे खड़े हैं—पावरप्ले में 47 विकेट के साथ वे भुवनेश्वर कुमार के बराबर हैं और एक विकेट लेकर उनसे आगे निकल जाएंगे।

भारत–साउथ अफ्रीका की टी-20 भिड़ंत में इतिहास भी दिलचस्प है। कुल 32 मुकाबलों में भारत ने 19 मैच जीतकर 60% सफलता दर बनाई है। हालांकि घरेलू पिचों पर स्थिति बराबर की है—भारत और दक्षिण अफ्रीका दोनों ने छह-छह मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला बिना नतीजे के रहा।

अब बात मुल्लांपुर स्टेडियम की। यहां की पिच बैलेंस्ड मानी जाती है, लेकिन शुरूआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को सीम और स्विंग की मदद मिल सकती है। स्पिनरों के लिए मिडिल ओवर्स में बेहतर मौके होंगे, क्योंकि पिच धीरे-धीरे ग्रिप देने लगती है। आउटफील्ड तेज है, इसलिए गैप मिलते ही बाउंड्री निकल जाएगी। शाम की ओस दूसरी पारी में बैटिंग को आसान बना सकती है, इसलिए टॉस जीतने वाली टीम गेंदबाजी चुन सकती है।

भारत की संभावित इलेवन में बड़ा बदलाव दिखने की संभावना नहीं है। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में अभिषेक शर्मा, गिल, तिलक वर्मा, हार्दिक, शिवम दुबे, जितेश शर्मा, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, बुमराह और अर्शदीप शामिल रहेंगे। दक्षिण अफ्रीका की टीम भी अपने नियमित हथियारों के साथ उतरेगी—ऐडन मार्करम, डिकॉक, मिलर, यानसन, नॉर्खिया जैसे खिलाड़ियों के साथ।

इस ऐतिहासिक वेन्यू पर दोनों टीमों के बीच दिलचस्प भिड़ंत देखना फैंस के लिए रोमांचक होगा। मैच की लाइव स्ट्रीमिंग हॉटस्टार पर उपलब्ध रहेगी और टीवी पर स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क प्रसारण करेगा, जबकि दैनिक भास्कर ऐप पर हर पल की अपडेट मिलती रहेगी।

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