Meta Pixel

HKRN में नौकरी और गाड़ी पासिंग के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा: हिसार में CM फ्लाइंग की कार्रवाई ने खोले घोटाले के परत-दर-परत राज

Spread the love

हरियाणा कौशल रोजगार निगम में नौकरी दिलवाने की आड़ में चल रहे ठगी के रैकेट का हिसार में बड़ा खुलासा हुआ है। सीएम फ्लाइंग की टीम ने गुप्त शिकायतों और कई दिनों की पड़ताल के बाद उस शातिर चेहरे को बेनकाब किया, जो बेरोजगार युवाओं की मजबूरी और उम्मीद दोनों को हथियार बनाकर उनसे लाखों रुपये ऐंठ रहा था। यह खेल केवल नौकरी का लालच देकर पैसा झटकने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आरोपी ने गाड़ियों की पासिंग और वैधता बढ़ाने के नाम पर भी बड़ी रकम हड़प ली।

इस पूरे प्रकरण का केंद्र बना खेमचंद उर्फ दीपक, जो हिसार जिले के गांव सिसाय बोलान का रहने वाला है। सीएम फ्लाइंग रेंज हिसार की इंचार्ज सुनैना ने हांसी पुलिस में शिकायत देकर इस खेल का पर्दाफाश किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, धमकी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बीते कुछ महीनों में CM फ्लाइंग के पास लगातार शिकायतें पहुंच रही थीं कि खेमचंद बेरोजगार युवाओं को एचकेआरएन में नौकरी दिलवाने का झांसा देकर पैसे वसूल कर रहा है। प्रारंभिक जांच में ही साफ हो गया कि आरोपी ने कई युवाओं को फर्जी जॉइनिंग लेटर थमाकर नौकरी लगने का भ्रम पैदा किया। इनमें से कुछ ने तो अपने कथित पोस्टिंग स्थान पर जाकर हकीकत का सामना भी किया—जहाँ उन्हें पता चला कि उनके नाम से जारी नियुक्ति पत्र मात्र कागज़ी छलावा थे।

गांव डाटा के अंकित को आरोपी ने 19 हज़ार रुपये लेकर महिला महाविद्यालय में नियुक्ति का जाली लेटर पकड़ा दिया। इसी तरह पूजा नामक युवती ने 25 हज़ार रुपये देने के बाद जब नौकरी न मिलने पर पैसे वापस मांगे तो उसे धमकियां मिलने लगीं। गांव सिसाय के अमित का मामला और आगे तक गया—जब वह प्राथमिक विद्यालय में जॉइन करने पहुंचा तो भर्ती की पूरी कहानी फर्जी निकली। पैसे मांगे तो आरोपी ने उल्टा उसे ही झूठे केसों में फंसाने और राशन कार्ड कटवाने की धमकी दे डाली।

हांसी की रानी, सातरोड खुर्द के महावीर सहित कई पीड़ितों से खेमचंद ने अलग-अलग पदों पर भर्ती दिलवाने का भरोसा लेकर राशि वसूली, लेकिन किसी को नौकरी नहीं मिली और न ही रकम लौटी। इस गिरोह की गिरफ्त और भी लंबी निकली जब सामने आया कि आरोपी नौकरी ही नहीं, वाहन पासिंग के नाम पर भी लोगों को चूना लगा रहा था। सिसाय निवासी रामकुमार से उसने गाड़ी की वैधता बढ़वाने के नाम पर 54 हज़ार रुपये ले लिए, लेकिन न वैधता बढ़ी और न पैसा लौटाया गया।

जांच रिपोर्ट अब तक यही बताती है कि खेमचंद द्वारा तैयार किए गए सभी दस्तावेज फर्जी थे, जिन पर सरकारी विभागों के अधिकारियों के नकली हस्ताक्षर तक किए गए थे। टीम को यह आशंका भी है कि यह खेल जितना नजर आ रहा है, उससे कहीं व्यापक हो सकता है और कई अन्य युवाओं के साथ भी इसी तरह की ठगी की गई होगी।

सीएम फ्लाइंग की शिकायत के आधार पर शिकायत दर्ज हो चुकी है और पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी की दिशा में आगे बढ़ रही है। यह मामला उन सभी बेरोजगार युवाओं के लिए कठोर चेतावनी है, जो जल्दी और आसान रास्ते से सरकारी नौकरी पाने का सपना देख लेते हैं—क्योंकि शॉर्टकट आमतौर पर ठगों की गिरफ्त तक ही ले जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *