केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज छत्तीसगढ़ के बस्तर दौरे पर हैं, जहां उनका कार्यक्रम सुरक्षा समीक्षा से लेकर खेल और सामाजिक समावेशन तक फैला हुआ है। तय शेड्यूल के अनुसार शुक्रवार रात रायपुर पहुंचने के बाद आज सुबह 11 बजे से वे राजधानी में बीजेपी नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं, जो दोपहर 1 बजे तक चलेगी। इस बैठक में SIR और नक्सल ऑपरेशनों की समीक्षा के साथ जमीनी हालात पर विस्तृत चर्चा की जा रही है। बैठक के बाद अमित शाह जगदलपुर रवाना होंगे, जहां वे संभाग स्तरीय बस्तर ओलिंपिक के समापन समारोह में शिरकत करेंगे।
जगदलपुर में होने वाले इस मंच से नक्सलवाद के खात्मे को लेकर अहम संकेत और घोषणाएं आने की संभावना जताई जा रही है। कार्यक्रम के दौरान गृहमंत्री विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान करेंगे और सरेंडर कर चुके नक्सलियों व नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के सदस्यों से भी मुलाकात कर सकते हैं। माना जा रहा है कि यह संवाद सुरक्षा नीति के साथ-साथ पुनर्वास और मुख्यधारा में लौटने की प्रक्रिया को मजबूती देने का संदेश देगा।
यह अमित शाह का एक महीने में तीसरा छत्तीसगढ़ दौरा है। इससे पहले वे राज्योत्सव और डीजीपी-आईजी कॉन्फ्रेंस के लिए प्रदेश आए थे। हर दौरे में गृहमंत्री नक्सल ऑपरेशनों की प्रगति, हालिया मुठभेड़ों और फील्ड-लेवल फीडबैक पर सीधे वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं, जिससे सुरक्षा रणनीति को लगातार अपडेट किया जा सके।
बस्तर ओलिंपिक के संभाग स्तरीय आयोजन में इस बार उत्साह और भागीदारी दोनों रिकॉर्ड स्तर पर रहे हैं। फुटबॉल, कबड्डी, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स सहित विभिन्न खेलों में करीब 3500 युवाओं ने हिस्सा लिया, जो दंतेवाड़ा, बीजापुर, बस्तर, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर और कोंडागांव—इन सात जिलों से पहुंचे हैं। खास बात यह रही कि 761 सरेंडर्ड नक्सली और नक्सल हिंसा पीड़ित परिवारों के सदस्य भी प्रतियोगिताओं में शामिल हुए। इनकी टीम ‘नुआ बाट’ के नाम से उतरी, जबकि पिछले साल यह संख्या करीब 300 थी—जो बढ़ते भरोसे और सामाजिक जुड़ाव का संकेत माना जा रहा है।
सुरक्षा के लिहाज से जगदलपुर में कड़े इंतजाम किए गए हैं। ड्रोन कैमरों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है, तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई है और डॉग स्क्वॉड भी मौके पर मौजूद है। कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक डायवर्जन किया गया है, वहीं भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है ताकि मूवमेंट नियंत्रित रहे और सुरक्षा में कोई चूक न हो।
कुल मिलाकर, रायपुर की राजनीतिक बैठक से लेकर जगदलपुर के खेल मंच तक अमित शाह का यह दौरा सुरक्षा, विकास और सामाजिक पुनर्संयोजन—तीनों को एक साथ साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।