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इंस्टाग्राम पर अब वही दिखेगा जो आप देखना चाहते हैं: ‘योर एल्गोरिदम’ से मिलेगा रील्स फीड पर पूरा कंट्रोल

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इंस्टाग्राम ने रील्स देखने के अनुभव को पूरी तरह बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मेटा ने प्लेटफॉर्म पर नया AI टूल ‘योर एल्गोरिदम’ लॉन्च किया है, जिसकी मदद से यूजर्स अब अपनी रील्स फीड को पहले से कहीं ज्यादा पर्सनलाइज कर सकेंगे। यह फीचर फिलहाल अमेरिका में उपलब्ध कराया गया है, जबकि भारत समेत अन्य देशों में इसे जल्द रोलआउट किए जाने की तैयारी है।

अब तक इंस्टाग्राम का एल्गोरिदम यूजर्स की पसंद को चुपचाप समझकर कंटेंट दिखाता था, लेकिन ‘योर एल्गोरिदम’ के साथ यह प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी हो गई है। इस नए टूल के जरिए यूजर्स खुद देख पाएंगे कि इंस्टाग्राम उनके लिए किन-किन टॉपिक्स को प्राथमिकता दे रहा है और किस आधार पर रील्स की सिफारिश की जा रही है। यही नहीं, यूजर चाहें तो अपनी पसंद के टॉपिक्स जोड़ सकते हैं और जो कंटेंट उन्हें नहीं देखना है, उसे हटाने का विकल्प भी मिलेगा।

इंस्टाग्राम का AI आपकी हाल की एक्टिविटी जैसे वॉच टाइम, लाइक्स, शेयर और इंटरैक्शन को एनालाइज करके आपकी रुचियों की एक लिस्ट तैयार करता है। यह लिस्ट किसी टेक्निकल भाषा में नहीं, बल्कि आसान शब्दों में AI-जेनरेटेड समरी के साथ दिखाई जाती है। मसलन, एल्गोरिदम यह बता सकता है कि आप क्रिएटिविटी, स्पोर्ट्स, फिटनेस या स्केटबोर्डिंग जैसे टॉपिक्स में ज्यादा दिलचस्पी रखते हैं। इससे यूजर को पहली बार साफ तौर पर समझ में आएगा कि उसकी फीड ऐसी क्यों दिख रही है।

रील्स फीड के टॉप-राइट में दिखने वाले एक नए आइकॉन पर टैप करते ही ‘योर एल्गोरिदम’ का डैशबोर्ड खुल जाएगा। यहां इंस्टाग्राम उन सभी थीम्स और टॉपिक्स को दिखाएगा, जिन्हें वह आपकी सबसे बड़ी रुचि मानता है। यूजर हर एक टॉपिक पर टैप करके यह तय कर सकता है कि उसे वह कंटेंट ज्यादा देखना है या कम। अगर कोई पसंदीदा विषय लिस्ट में नहीं है, तो उसे मैन्युअली जोड़ा भी जा सकता है और बेकार लगने वाले टॉपिक्स को हटाया भी जा सकता है। जैसे-जैसे आपकी पसंद बदलेगी, रील्स की सिफारिशें भी उसी हिसाब से खुद को ढालती जाएंगी।

मेटा का कहना है कि इस फीचर का सबसे बड़ा फायदा ट्रांसपेरेंसी है। अब एल्गोरिदम कोई रहस्यमयी ब्लैक बॉक्स नहीं रहेगा, बल्कि यूजर को साफ दिखेगा कि उसकी फीड कैसे और क्यों बन रही है। इससे पर्सनलाइजेशन भी बेहतर होगा, क्योंकि यूजर खुद तय कर सकेगा कि उसे किस तरह का कंटेंट चाहिए और किससे दूरी बनानी है। इसका असर क्रिएटर्स पर भी पड़ेगा, क्योंकि सही टॉपिक्स चुनने पर क्वालिटी कंटेंट ज्यादा सही ऑडियंस तक पहुंचेगा। कंपनी इसे प्राइवेसी और यूजर कंट्रोल की दिशा में बड़ा कदम मान रही है।

भारत के संदर्भ में यह फीचर और भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यहां इंस्टाग्राम के 400 मिलियन से ज्यादा यूजर्स हैं और रील्स पर भारी मात्रा में समय बिताया जाता है। ऐसे में ‘योर एल्गोरिदम’ न सिर्फ आम यूजर्स के लिए, बल्कि क्रिएटर्स और छोटे बिजनेस के लिए भी गेमचेंजर साबित हो सकता है।

इंस्टाग्राम ने साफ किया है कि यह बदलाव यहीं नहीं रुकेगा। आने वाले महीनों में ‘योर एल्गोरिदम’ फीचर रील्स से आगे बढ़कर एक्सप्लोर टैब और ऐप के अन्य सेक्शंस में भी उपलब्ध कराया जाएगा। Threads ऐप के लिए भी इसी तरह के कंट्रोल फीचर्स पर काम चल रहा है। कंपनी का लक्ष्य साफ है—भविष्य में यूजर्स यह तय करें कि वे क्या देखना चाहते हैं, न कि एल्गोरिदम यह तय करे कि उन्हें क्या दिखाया जाए।

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