इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन से पहले क्रिकेट फैंस की नजरें एक बार फिर ऑक्शन पर टिकी हैं। अबू धाबी में 16 दिसंबर को दोपहर 2.30 बजे से IPL मिनी ऑक्शन शुरू होने जा रहा है, जहां 10 टीमें मिलकर 237.55 करोड़ रुपये खर्च कर सकती हैं। हालांकि नीलामी में नाम 350 खिलाड़ियों के आएंगे, लेकिन बिकेंगे सिर्फ 77, क्योंकि फ्रेंचाइजियों के पास उतनी ही जगह खाली है। यही वजह है कि इस बार मुकाबला सीमित खिलाड़ियों पर बेहद आक्रामक होने वाला है और यही सवाल सबसे बड़ा बनकर उभर रहा है कि क्या कोई खिलाड़ी ऋषभ पंत के रिकॉर्ड को चुनौती दे पाएगा।
पिछले सीजन के मेगा ऑक्शन में ऋषभ पंत ने इतिहास रच दिया था, जब लखनऊ सुपरजायंट्स ने उन्हें 27 करोड़ रुपये में खरीदकर IPL इतिहास का सबसे महंगा खिलाड़ी बना दिया। उससे पहले भी कई बार बड़े नामों पर मोटी बोली लगी है, लेकिन 27 करोड़ का आंकड़ा अब भी सबसे ऊपर है। मिनी ऑक्शन आमतौर पर छोटे स्तर का माना जाता है, फिर भी यहां कई बार टीमें जरूरत के चलते किसी एक खिलाड़ी पर जरूरत से कहीं ज्यादा पैसा लुटा देती हैं।
इस बार ऑक्शन में टीमों की रणनीति काफी अलग नजर आ रही है। कोलकाता नाइट राइडर्स सबसे ज्यादा 64.30 करोड़ रुपये के पर्स के साथ उतर रही है, क्योंकि उसने सबसे कम खिलाड़ियों को रिटेन किया है और उसके स्क्वॉड में 13 स्लॉट खाली हैं। चेन्नई सुपर किंग्स भी 43.40 करोड़ रुपये के साथ मजबूत स्थिति में है। इसके उलट मुंबई इंडियंस के पास सिर्फ 2.75 करोड़ रुपये बचे हैं, जिससे उसके लिए बड़े दांव लगाना लगभग नामुमकिन है। बाकी टीमों के पर्स 11 से 26 करोड़ रुपये के बीच हैं, जिससे यह साफ है कि कुछ फ्रेंचाइजियां किसी एक या दो खिलाड़ियों पर बड़ा दांव खेलने से पीछे नहीं हटेंगी।
ऑक्शन में उतरने वाले खिलाड़ियों की बेस प्राइस भी दिलचस्प तस्वीर पेश करती है। जहां 40 खिलाड़ियों की बेस प्राइस 2 करोड़ रुपये रखी गई है, वहीं 227 खिलाड़ियों की शुरुआती कीमत सिर्फ 30 लाख रुपये है। इसका मतलब यह है कि ज्यादातर खिलाड़ी कम कीमत से शुरू होंगे, लेकिन जिन नामों पर टीमें भरोसा जताएंगी, वहां बोली अचानक आसमान छू सकती है। इतिहास गवाह है कि मिनी ऑक्शन में भी 16 करोड़ रुपये से ज्यादा में छह खिलाड़ी बिक चुके हैं और मिचेल स्टार्क व पैट कमिंस जैसे नाम 20 करोड़ के पार जा चुके हैं।
इस बार बड़े सुपरस्टार नाम कम हैं, क्योंकि आंद्रे रसेल, ग्लेन मैक्सवेल, फाफ डु प्लेसिस और मोईन अली जैसे दिग्गजों ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के कैमरन ग्रीन, श्रीलंका के मथीश पथिराना, भारत के रवि बिश्नोई, इंग्लैंड के जैमी स्मिथ और आउट ऑफ फॉर्म लेकिन मैच विनर माने जाने वाले लियम लिविंगस्टन जैसे खिलाड़ियों पर नजरें टिकी हैं। घरेलू क्रिकेट से उभरे कुछ भारतीय खिलाड़ी भी सरप्राइज पैकेज बन सकते हैं, जिन पर फ्रेंचाइजियां अचानक बड़ी रकम झोंक सकती हैं।
ऑक्शन की प्रक्रिया भी हमेशा की तरह रोमांच से भरी होगी। शुरुआत इंटरनेशनल खिलाड़ियों के सेट से होगी और फिर धीरे-धीरे अनकैप्ड खिलाड़ियों की बारी आएगी। जैसे-जैसे नीलामी आगे बढ़ेगी और 50 से ज्यादा खिलाड़ी बिक जाएंगे, प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी। 77 खिलाड़ियों के बिकते ही ऑक्शन खत्म हो जाएगा और बाकी नाम बिना बोली के अनसोल्ड रह जाएंगे।
इन सबके बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सीमित स्लॉट और बड़ा पर्स रखने वाली कोई टीम इस बार रिकॉर्ड तोड़ने का जोखिम उठाएगी। 27 करोड़ का आंकड़ा बेहद ऊंचा है और मिनी ऑक्शन में उसे पार करना आसान नहीं माना जा रहा, लेकिन IPL ने बार-बार दिखाया है कि यहां कुछ भी नामुमकिन नहीं। अगर किसी टीम को लगे कि वही खिलाड़ी उसके खिताब की आखिरी कड़ी है, तो ऋषभ पंत का रिकॉर्ड भी खतरे में पड़ सकता है। यही अनिश्चितता और रोमांच IPL ऑक्शन को हर बार खास बना देता है।