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DSP पर आरोप लगाने वाले कारोबारी की पिटाई का पुराना वीडियो वायरल: लेन–देन विवाद से जुड़ा मामला, टंडन पर रायपुर-सक्ती में 18 लाख की ठगी के आरोप

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दंतेवाड़ा में पदस्थ DSP कल्पना वर्मा पर लव ट्रैप का आरोप लगाने वाले कारोबारी दीपक टंडन एक बार फिर विवादों में हैं। सोशल मीडिया पर उनके होटल वेलकम श्री का एक पुराना वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग उन्हें लात-घूंसों से पीटते हुए नजर आते हैं। वीडियो में मारपीट यहीं तक सीमित नहीं रहती, बल्कि कथित तौर पर उनके कपड़े तक उतार दिए जाते हैं। बताया जा रहा है कि यह फुटेज कुछ साल पुराना है और लेन–देन के विवाद से जुड़ा हुआ है, जब बकाया रकम को लेकर कहासुनी बढ़ी और मामला हिंसा तक पहुंच गया।

इधर, दीपक टंडन की कानूनी मुश्किलें भी लगातार बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में कोरबा जिले से जुड़े एक मामले में अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इसके अलावा सक्ती और रायपुर में भी उन पर धोखाधड़ी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। अलग-अलग पीड़ितों का दावा है कि टंडन खुद को शासन-प्रशासन और बड़े नेताओं का करीबी बताकर लोगों को झांसे में लेते थे और कोयला कारोबार, सरकारी परीक्षाओं और कोल ट्रांसपोर्ट जैसे काम दिलाने के नाम पर उनसे लाखों रुपये वसूल करते थे।

सक्ती जिले के वार्ड नंबर-6 गुरुद्वारा वार्ड निवासी कोयला कारोबारी किशन शर्मा ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि मार्च 2022 में दीपक उर्फ अंबेडकर टंडन ने कोयले का बड़ा टेंडर दिलाने का भरोसा देकर उनसे 15 लाख रुपये ले लिए। भरोसे के तौर पर टंडन ने एचडीएफसी बैंक का चार लाख रुपये का एक चेक और एक ब्लैंक चेक दिया था। बाद में बैंक से जानकारी लेने पर सामने आया कि आरोपी का खाता तो सालों पहले ही बंद हो चुका था। पीड़ित ने इसे सीधी धोखाधड़ी बताते हुए BNS की धारा 318 के तहत कार्रवाई की मांग की है।

टंडन पर पहले भी इसी तरह के आरोप लगते रहे हैं। वर्ष 2018 में बीरगांव निवासी जितेंद्र देवांगन ने सिविल लाइन थाना रायपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि टंडन ने व्यापमं द्वारा आयोजित राजस्व निरीक्षक परीक्षा का प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने का दावा किया था और प्रति अभ्यर्थी तीन लाख रुपये की मांग की थी। पैसे और दस्तावेज लेने के बाद न तो प्रश्न पत्र मिला और न ही आरोपी तय स्थान पर पहुंचा, जिसके बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

कोरबा जिले के दीपका थाना क्षेत्र में भी टंडन के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज है। एसईसीएल दीपका की आवासीय कॉलोनी में रहने वाले कारोबारी महेंद्र सिंह ने 2015-16 के बीच 27 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया था। आरोप के मुताबिक, कोल ट्रांसपोर्ट का बड़ा काम दिलाने के नाम पर किश्तों में रकम ली गई, लेकिन न तो काम मिला और न ही पैसे वापस किए गए। इस मामले में अदालत में पेश नहीं होने पर उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा चुका है।

सूत्रों का कहना है कि दुर्ग जिले में एक कांग्रेस के बड़े नेता के पुत्र से ठगी की चर्चा भी सामने आ रही है। हालांकि इस मामले में अभी तक औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन आने वाले समय में पीड़ित पक्ष के सामने आने की संभावना जताई जा रही है। कुल मिलाकर, वायरल वीडियो के साथ-साथ पुराने मामलों की परतें खुलने से दीपक टंडन की मुश्किलें और गहराती नजर आ रही हैं।

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