दुनिया के सबसे अमीर शख्स इलॉन मस्क ने एक ऐसा रिकॉर्ड कायम कर दिया है, जो अब तक किसी ने नहीं छुआ था। उनकी कुल संपत्ति 600 बिलियन डॉलर यानी करीब 54.5 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है और इसके साथ ही वह इस आंकड़े तक पहुंचने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति बन गए हैं। खास बात यह है कि उनकी नेटवर्थ में यह उछाल एक ही दिन में आया, जब उनकी दौलत करीब 168 बिलियन डॉलर, यानी लगभग 15 लाख करोड़ रुपये बढ़ गई। यह रकम भारत के सबसे अमीर उद्योगपति मुकेश अंबानी की कुल नेटवर्थ से भी ज्यादा है।
मस्क की संपत्ति में यह जबरदस्त बढ़ोतरी मुख्य रूप से स्पेसएक्स की वैल्यूएशन में आए उछाल की वजह से हुई है। इनसाइडर शेयर सेल के बाद स्पेसएक्स की वैल्यूएशन करीब 800 बिलियन डॉलर आंकी गई है, जिससे यह दुनिया की सबसे वैल्युएबल प्राइवेट कंपनी बन गई है। इलॉन मस्क स्पेसएक्स के फाउंडर और सीईओ हैं और कंपनी में उनकी हिस्सेदारी करीब 42 प्रतिशत है। इसी वजह से स्पेसएक्स की वैल्यू बढ़ते ही मस्क की नेटवर्थ में सीधा और भारी असर देखने को मिला। मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक, मस्क की कुल संपत्ति अब करीब 638 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुकी है।
रॉयटर्स के अनुसार, अगर स्पेसएक्स भविष्य में अमेरिकी शेयर बाजार में 800 बिलियन डॉलर के वैल्यूएशन पर लिस्ट होती है, तो सिर्फ मस्क की हिस्सेदारी की कीमत ही 336 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो सकती है। फोर्ब्स का मानना है कि अगर आईपीओ की लिस्टिंग उम्मीद के मुताबिक रही, तो इलॉन मस्क दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर भी बन सकते हैं। हालांकि यह पूरी तरह बाजार की प्रतिक्रिया और लिस्टिंग पर निर्भर करेगा।
स्पेसएक्स के अलावा टेस्ला और मस्क की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी xAI ने भी उनकी दौलत बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है। टेस्ला में मस्क की करीब 12 प्रतिशत हिस्सेदारी है और 2025 में अब तक कंपनी के शेयर करीब 13 प्रतिशत चढ़ चुके हैं। हाल ही में टेस्ला के शेयरों में उस वक्त भी तेजी देखी गई, जब मस्क ने बताया कि कंपनी बिना सेफ्टी मॉनिटर के फ्रंट पैसेंजर सीट पर रोबोटैक्सी का परीक्षण कर रही है। टेस्ला में मस्क की हिस्सेदारी की मौजूदा कीमत लगभग 197 बिलियन डॉलर आंकी जा रही है। वहीं उनकी AI स्टार्टअप xAI भी करीब 230 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर 15 अरब डॉलर की नई फंडिंग जुटाने के अंतिम चरण में बताई जा रही है।
इलॉन मस्क की सफलता की कहानी भी उतनी ही दिलचस्प है जितनी उनकी मौजूदा दौलत। उन्होंने महज 10 साल की उम्र में कंप्यूटर प्रोग्रामिंग सीख ली थी और 12 साल की उम्र में ‘ब्लास्टर’ नाम का एक वीडियो गेम बनाया, जिसे एक लोकल मैगजीन ने 500 डॉलर में खरीदा था। यही उनकी पहली कमाई मानी जाती है। 1995 में उन्होंने जिप-2 नाम की वेब सॉफ्टवेयर कंपनी बनाई, जिसे 1999 में कॉम्पेक ने 307 मिलियन डॉलर में खरीद लिया। इस सौदे से मस्क को करीब 22 मिलियन डॉलर मिले और यहीं से उनके बड़े बिजनेस सफर की शुरुआत हुई।
इसके बाद मस्क ने X.com की स्थापना की, जो आगे चलकर पेपाल बनी। साल 2002 में ईबे ने पेपाल को 1.5 अरब डॉलर में खरीद लिया और इस डील से मस्क को करीब 180 मिलियन डॉलर की कमाई हुई। इसी पूंजी के दम पर उन्होंने स्पेसएक्स की नींव रखी, जिसका सपना था अंतरिक्ष यात्रा को सस्ता बनाना और इंसानों को मल्टी-प्लेनेट स्पीशीज में बदलना।
आज इलॉन मस्क टेस्ला, स्पेसएक्स, न्यूरालिंक और xAI जैसी कंपनियों के जरिए टेक्नोलॉजी, स्पेस, ऑटोमोबाइल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। 600 बिलियन डॉलर की नेटवर्थ तक पहुंचना न सिर्फ एक व्यक्तिगत रिकॉर्ड है, बल्कि यह इस बात का संकेत भी है कि आने वाले समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था और तकनीक की दिशा तय करने में मस्क की भूमिका और भी बड़ी होने वाली है।