मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए अहम कदम उठाते हुए सभी विषयों के सैंपल प्रश्न पत्र जारी कर दिए हैं। बोर्ड का उद्देश्य छात्रों को परीक्षा के नए पैटर्न से पहले ही परिचित कराना है, ताकि वे बेहतर रणनीति के साथ पढ़ाई कर सकें। खास बात यह है कि आगामी परीक्षाओं में लघु उत्तरीय प्रश्नों की संख्या बढ़ाई गई है, जिससे विद्यार्थियों को अपने उत्तर अधिक स्पष्ट और संतुलित तरीके से लिखने का अवसर मिलेगा।
बोर्ड ने परीक्षा से लगभग दो महीने पहले ही प्रश्न पत्रों का प्रारूप सार्वजनिक कर दिया है। इसी नए पैटर्न के आधार पर स्कूलों को भी आंतरिक परीक्षाएं आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। एमपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 7 फरवरी से शुरू होंगी, जिनमें प्रदेशभर से करीब 18 लाख छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।
छात्रों की तैयारी को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से ये सैंपल पेपर अर्धवार्षिक परीक्षाओं के बाद अपलोड किए गए हैं। बोर्ड ने साफ किया है कि ये प्रश्न पत्र केवल अभ्यास और परीक्षा पैटर्न को समझने के लिए हैं। इनका मुख्य बोर्ड परीक्षा के वास्तविक प्रश्न पत्रों से सीधा संबंध नहीं होगा, लेकिन इससे छात्रों को प्रश्नों की संरचना और अंक वितरण का स्पष्ट अंदाजा मिल सकेगा।
नए पैटर्न के अनुसार कक्षा 12वीं के सैंपल पेपर में शुरुआती प्रश्न क्रमांक 1 से 5 तक कुल 32 वस्तुनिष्ठ प्रश्न होंगे, जिनमें प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का रहेगा। इसके बाद प्रश्न क्रमांक 6 से 15 तक 10 लघु उत्तरीय प्रश्न होंगे, जिनमें प्रत्येक 2 अंक के होंगे। आगे चार प्रश्न ऐसे होंगे, जिनके उत्तर 75 शब्दों की सीमा में लिखने होंगे, जबकि चार प्रश्नों के उत्तर 120 शब्दों तक लिखने होंगे। बोर्ड ने यह भी बताया है कि कक्षा 12वीं की उच्च गणित विषय में कुछ विशेष बदलाव किए गए हैं।
सभी विषयों के सैंपल प्रश्न पत्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए गए हैं, ताकि छात्र इन्हें डाउनलोड कर अपनी वार्षिक परीक्षा की तैयारी को सही दिशा दे सकें। एमपी बोर्ड की सचिव प्रियंका गोयल ने बताया कि सैंपल पेपर जारी करने का मुख्य उद्देश्य छात्रों को परीक्षा के प्रारूप की पूरी जानकारी देना है। इससे वे समय प्रबंधन, उत्तर लेखन और प्रश्न चयन का अभ्यास बेहतर तरीके से कर पाएंगे।
कुल मिलाकर, बोर्ड की यह पहल छात्रों के लिए बेहद उपयोगी साबित होने वाली है। इससे न सिर्फ उनकी तैयारी मजबूत होगी, बल्कि परीक्षा को लेकर मन में बना डर और असमंजस भी काफी हद तक कम हो सकेगा।