रायपुर। 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ में एक बड़ा और प्रतीकात्मक आयोजन होने जा रहा है। प्रदेश की भाजपा सरकार ने राज्य के 115 नगरीय निकायों में निर्मित अटल परिसरों का एक साथ लोकार्पण करने की तैयारी पूरी कर ली है। राजधानी रायपुर से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय फुंडहर स्थित अटल परिसर से पूरे प्रदेश के सभी परिसरों का लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री व नगरीय निकाय मंत्री अरुण साव के साथ प्रदेश के कई मंत्री, सांसद, विधायक और महापौरों की मौजूदगी रहेगी।
प्रदेश की भाजपा सरकार लगातार यह रेखांकित करती रही है कि छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का दर्जा दिलाने में अटल बिहारी वाजपेयी की ऐतिहासिक भूमिका रही है। इसी भावना के साथ “हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे” के नारे को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने नगरीय निकाय विभाग के माध्यम से प्रदेशभर में अटल परिसरों के निर्माण का कार्य कराया। अब सरकार इन सभी परिसरों को एक साथ जनता को समर्पित कर इसे अटल जी की जयंती से जोड़ रही है। इसके लिए राजधानी रायपुर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जहां से मुख्यमंत्री एक साथ पूरे प्रदेश के अटल परिसरों का उद्घाटन करेंगे।
प्रदेश के संभागों में अटल परिसरों का वितरण भी ध्यान खींचता है। सबसे अधिक 31 अटल परिसर दुर्ग संभाग में बनाए गए हैं, जिनमें दुर्ग, रिसाली, भिलाई-चरौदा जैसे नगर निगमों के साथ-साथ नगर पालिकाएं और नगर पंचायतें शामिल हैं। रायपुर संभाग में 25 अटल परिसर विकसित किए गए हैं, जिनमें रायपुर और बिरगांव नगर निगम के अलावा धमतरी, महासमुंद सहित अन्य नगरीय निकाय आते हैं। बिलासपुर संभाग में 18 अटल परिसर बने हैं, जबकि बस्तर संभाग में 22 और सरगुजा संभाग में 19 नगरीय निकायों में अटल परिसरों का निर्माण किया गया है।
रायपुर के फुंडहर चौक स्थित अटल परिसर इस आयोजन का प्रमुख केंद्र रहेगा। नगर निगम जोन-10 कमिश्नरी द्वारा यहां करीब 50 लाख रुपये की लागत से कांस्य धातु से निर्मित अटल बिहारी वाजपेयी की एक विशाल प्रतिमा स्थापित की गई है, जिसका वजन एक टन से भी अधिक बताया जा रहा है। पाटन-थनौद के मूर्तिकार द्वारा तैयार की गई यह प्रतिमा 500 वर्गफुट में विकसित परिसर का मुख्य आकर्षण है। परिसर को हरा-भरा बनाने के लिए सुंदर उद्यान विकसित किया गया है और रात में आकर्षक रोशनी के लिए विशेष प्रकाश व्यवस्था भी की गई है।
अटल जी की जयंती पर एक साथ 115 अटल परिसरों का लोकार्पण न केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम है, बल्कि इसे भाजपा सरकार राज्य निर्माण की विरासत और शहरी विकास की दिशा में अपने संकल्प के रूप में भी प्रस्तुत कर रही है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की राजनीति और नगरीय विकास दोनों के लिहाज से खास माना जा रहा है।