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उर्फी जावेद के साथ देर रात डर का साया: घर के बाहर अनजान लोगों की बदतमीजी, सुबह पुलिस स्टेशन पहुंचीं इन्फ्लूएंसर

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सोशल मीडिया पर अपने बेबाक अंदाज़ के लिए पहचानी जाने वाली Urfi Javed हाल ही में एक ऐसे अनुभव से गुज़रीं, जिसने उन्हें भीतर तक झकझोर कर रख दिया। उर्फी ने इस घटना को अपनी ज़िंदगी का सबसे डरावना पल बताया है। मामला इतना गंभीर था कि रात की बेचैनी के बाद वह तड़के करीब 5 बजे पुलिस स्टेशन पहुंचीं और वहीं से एक तस्वीर इंस्टाग्राम स्टोरी पर साझा कर अपने फैंस को पूरी घटना की जानकारी दी।

उर्फी के मुताबिक यह घटना रात करीब 3:30 बजे की है, जब वह अपनी बहनों डॉली और अस्फी के साथ मुंबई स्थित अपने अपार्टमेंट में मौजूद थीं। तभी अचानक कुछ लोग लगातार दरवाज़े की घंटी बजाने लगे। यह सिलसिला करीब दस मिनट तक चला। जब उर्फी ने दरवाज़े के बाहर झांककर देखा, तो एक शख्स दरवाज़े के ठीक सामने खड़ा होकर उसे खोलने पर ज़ोर दे रहा था, जबकि दूसरा कुछ दूरी पर मौजूद था। उर्फी का कहना है कि उन्होंने कई बार साफ शब्दों में उन लोगों से वापस जाने को कहा, लेकिन वे टस से मस नहीं हुए। हालात तब बदले जब उन्होंने पुलिस बुलाने की बात कही, जिसके बाद वे लोग वहां से हटे।

बाद में बातचीत में उर्फी ने बताया कि वे लोग खुद को उसी इमारत के 13वें फ्लोर का निवासी बता रहे थे और बार-बार अपने राजनीतिक संपर्कों का हवाला दे रहे थे। उनका रवैया बेहद आक्रामक था और ऐसा लग रहा था जैसे उन्हें किसी तरह की कार्रवाई का डर ही नहीं है। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद भी मामला पूरी तरह शांत नहीं हुआ। उर्फी का आरोप है कि उन लोगों ने न सिर्फ उनके साथ, बल्कि पुलिसकर्मियों से भी बदतमीज़ी की और पूरे मामले से इनकार करते रहे।

घटना यहीं नहीं रुकी। उर्फी ने एक और चौंकाने वाला आरोप लगाते हुए कहा कि जब वह और उनकी बहनें पुलिस स्टेशन जाने के लिए निकलीं, तब उन्होंने उन लोगों को सोसायटी के सिक्योरिटी गार्ड से सीसीटीवी फुटेज हटाने की बात करते सुना। उस वक्त भी वे अपने राजनीतिक रसूख का ज़िक्र कर रहे थे। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में एनसी यानी नॉन-कॉग्निज़ेबल रिपोर्ट दर्ज कर ली है और उर्फी की ओर से लिखित शिकायत भी दी जा चुकी है।

इस पूरे वाकये ने उर्फी को मानसिक रूप से काफी प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि रात के सन्नाटे में अगर कोई जबरदस्ती दरवाज़ा खुलवाने की कोशिश करे, तो डर लगना स्वाभाविक है, खासकर तब जब घर में सिर्फ महिलाएं हों। उर्फी का कहना है कि फिलहाल उन्हें खुद को सुरक्षित महसूस नहीं हो रहा और वह यह जानना चाहती हैं कि आरोपियों के खिलाफ आगे क्या ठोस कार्रवाई होती है। उन्होंने यह भी बताया कि सोसायटी कमेटी इस घटना को लेकर बैठक करने जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

ईटाइम्स

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