23 दिसंबर को घरेलू शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कमजोरी देखने को मिली। कारोबार के दौरान Sensex 100 अंकों से ज्यादा टूटकर करीब 85,400 के स्तर पर ट्रेड करता नजर आया। वहीं Nifty 50 भी लगभग 30 अंक की गिरावट के साथ 26,150 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार की इस कमजोरी का सबसे ज्यादा असर आईटी और फार्मा शेयरों पर पड़ा, जहां बिकवाली का दबाव साफ नजर आया, जबकि बैंकिंग और मेटल शेयरों में चुनिंदा खरीदारी बनी रही।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से ज्यादातर में मिला-जुला रुख देखने को मिला। कुछ दिग्गज शेयरों में मजबूती रही, लेकिन आईटी सेक्टर की कमजोरी ने बाजार की चाल को सीमित कर दिया। इसी बीच निवेशकों की नजर आज लिस्ट होने वाले KSH इंटरनेशनल के आईपीओ पर भी बनी हुई है, जिससे सेकेंडरी मार्केट के साथ-साथ प्राइमरी मार्केट में भी हलचल देखी जा रही है।
वैश्विक संकेतों की बात करें तो एशियाई बाजारों में सकारात्मक माहौल रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का Nikkei 225 हरे निशान में कारोबार करता दिखा। हांगकांग का Hang Seng Index और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स भी मजबूती के साथ ट्रेड कर रहे थे। अमेरिकी बाजारों से भी अच्छे संकेत मिले थे, जहां Dow Jones Industrial Average, नैस्डैक कंपोजिट और S&P 500 में पिछले सत्र में बढ़त दर्ज की गई थी।
निवेशकों के आंकड़ों पर नजर डालें तो विदेशी निवेशकों की बिकवाली का सिलसिला जारी है। 22 दिसंबर को FIIs ने सैकड़ों करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DIIs ने जोरदार खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया। दिसंबर महीने में अब तक FIIs की भारी बिकवाली के मुकाबले DIIs की मजबूत खरीद ने बाजार में संतुलन बनाए रखा है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि घरेलू निवेशकों का भरोसा अब भी बरकरार है।
गौरतलब है कि इससे पहले सोमवार को बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली थी, जब सेंसेक्स और निफ्टी दोनों मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए थे। हालांकि आज के सत्र में मुनाफावसूली और सेक्टर-विशेष दबाव के चलते बाजार की रफ्तार थमी हुई नजर आई। निवेशक फिलहाल ग्लोबल संकेतों और संस्थागत निवेश के रुख पर नजर बनाए हुए हैं।