Falahari Appe Recipe: उपवास के दिनों में ऐसा भोजन ढूंढना आसान नहीं होता जो हल्का हो, पेट भर दे और शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा भी देता रहे। ऐसे समय में साबूदाना और आलू से बनी रेसिपी सबसे भरोसेमंद मानी जाती हैं। अगर आप रोज़-रोज़ साबूदाना खिचड़ी या वड़ा खाकर ऊब चुके हैं, तो फलाहारी अप्पे आपके लिए एक नया और स्वादिष्ट विकल्प बन सकते हैं। ये अप्पे न सिर्फ झटपट बन जाते हैं, बल्कि बाहर से कुरकुरे और अंदर से मुलायम होने के कारण हर उम्र के लोगों को पसंद आते हैं।
साबूदाना और आलू का मेल व्रत में शरीर को तुरंत ऊर्जा देने के साथ-साथ देर तक तृप्ति का एहसास भी कराता है। मसालों की हल्की खुशबू और घी में सिके अप्पे व्रत के भोजन को खास बना देते हैं। इन्हें नाश्ते में या शाम के फलाहार के रूप में आराम से शामिल किया जा सकता है।
फलाहारी अप्पे बनाने के लिए सबसे पहले साबूदाना अच्छी तरह धोकर चार से पांच घंटे या रातभर के लिए भिगो दिया जाता है। सही तरह से भीगा हुआ साबूदाना न बहुत ज्यादा पानी वाला होता है और न ही सूखा, बल्कि हल्का दबाने पर आसानी से मैश हो जाता है। इसके बाद एक बर्तन में भिगोया हुआ साबूदाना और उबले, मैश किए हुए आलू मिलाए जाते हैं। इसमें बारीक कटी हरी मिर्च, कद्दूकस किया हुआ अदरक, सेंधा नमक, काली मिर्च पाउडर, थोड़ा सा जीरा, दरदरा पिसा मूंगफली दाना और ताजा हरा धनिया डालकर सब कुछ अच्छी तरह मिला लिया जाता है, ताकि मिश्रण एकसार हो जाए।
अब अप्पे पैन को गरम करके हर सांचे में थोड़ा सा घी या मूंगफली का तेल डाला जाता है। तैयार मिश्रण को सांचों में भरकर पैन को ढक दिया जाता है और धीमी आंच पर कुछ मिनट पकाया जाता है। जब अप्पे नीचे से सुनहरे और कुरकुरे हो जाएं, तो उन्हें धीरे से पलटकर दूसरी तरफ से भी सेक लिया जाता है। थोड़ी ही देर में दोनों ओर से क्रिस्पी और अंदर से सॉफ्ट फलाहारी अप्पे तैयार हो जाते हैं।
गरमागरम साबूदाना आलू अप्पे व्रत वाली हरी चटनी या सादे दही के साथ परोसे जाएं, तो इनका स्वाद और भी निखर जाता है। स्वाद, सेहत और एनर्जी का यह बेहतरीन संयोजन व्रत के दिनों में आपके खाने को उबाऊ नहीं होने देता और हर बार कुछ नया खाने का आनंद देता है।